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योगी सरकार का ऐतिहासिक कदम: गौ रक्षा के लिए उत्तर प्रदेश की जेलों में बनेगी गौशाला

उत्तर प्रदेश उत्तम प्रदेश बनने की राह पर अग्रसर है|उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हर पल लिए जा रहे कड़े फैसले इस और ही इशारा करता है की उत्तर प्रदेश में आंधी अपना रुख बदल रही है|

इस बार योगी सरकार ने गौ सेवा को ध्यान रखते हुए फैसला लिया है की अब उत्तर प्रदेश की जेलों के अन्दर गौशाला बनाई जाएगी|दरअसल उत्तर प्रदेश के गौ सेवा आयोग ने योगी सरकार के आगे एक प्रस्ताव रखा था जिसके तहत वह वै जेल के अंतर्गत की भूमि का इस्तेमाल करना चाहते थे|जिसपे अब उत्तर प्रदेश राज्य के गृह विभाग ने मंजूरी दे दी है और जेलों को गाय आश्रयों में बदलने के लिए स्वीकार कर लिया है ।

गौशाला उत्तर प्रदेश के 12 जेलों में खोली जाएंगी, ये न केवल गौ रक्षा में अहम योगदान करेगा बल्कि इस फैसले से जेल के कैदियों को रोजगार भी मिलेगा।पहले गौशाला चलाने की मांग गायों की सेवा आयोग ने PAC ग्राउंड्स पर की थी, जिसे पुलिस और गृह विभाग ने नकार दिया था, लेकिन अब मंजूरी के बाद जेलों में गौशाला की व्यवस्था की जाएगी| अभी तक विचाराधीन कैदी बागवानी, सफाई, मरम्मत का काम करते थे, अब गायों की देखभाल भी करेंगे।

सरकार गौशाला में गायों को खिलाने- पिलाने और निर्माण के लिए अलग से बजट का इंतजाम करेगी, योगी सरकार का कहना है कि गौशाला खुलने से जेल में खाली पड़ी जमीनों का भी सही तरह से उपयोग किया जा सकता है, और साथ ही कैदियों को रोजगार भी मिल जाएगा।

इससे पहले दिसंबर में, उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के प्रत्येक जिले में ‘गाय संरक्षण समितियों’ की स्थापना को मंजूरी दी थी। सोमवार को राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि इन समितियों का नेतृत्व जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी करेंगे और राज्य भर में ‘गौशालाओं’ (गाय-आश्रयों) के कुशल प्रबंधन और संचालन सुनिश्चित करेगा और उन्हें स्व-पर्याप्त बनाया जाएगा।

उत्तर प्रदेश गऊ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजीव गुप्ता के अनुसार, ये समितियाँ उन गाय को बचाने और पशु की देखभाल का काम करेंगे जिनकी अवैध रूप से  तस्करी की जाती है या बलि चड़ाई जाती है| “जब भी अवैध गोहत्या और तस्करी निवारक  की जाती है, तो घरों में पशुओं की संख्या बढ़ जाती है । तो, हम आश्रयों में पशुओं के बेहतर रखरखाव करना चाहते हैं और उन्हें उनके उपोत्पाद बेचकर  आत्मनिर्भर बनाना चाहते है।

हरियाणा के बाद ऐसा प्रस्ताव स्वीकार करने वाला उत्तर प्रदेश दूसरा राज्य बन गया है।जेल राज्य मंत्री जय कुमार सिंह के मुताबिक इस  कदम का उद्देश्य आवास आव्रजन पशु ही नही बल्कि इसका उद्देश्य कैदियों के लिए एक उत्पादक गतिविधि को विकसित करना है| हम जेलों में ऐसी गायों को रखेंगे जो दूध देने में सक्षम हो और इसके साथ ही हम जेलों में कृषि भूमि में जैविक खेती के लिए एक मॉडल विकसित करने के लिए गौशाला को इस्तेमाल करने की योजना बना रहे हैं| सिंह ने ये भी कहा कि सब्जियों की खेती के लिए खेतों में गाय के गोबर का उपयोग उर्वरक के रूप में किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जो गोरखपुर मठ के प्रमुख हैं, उन्हें पशु गोजातीय के लिए प्यार और आत्मीयता के लिए हमेशा से जाना जाता है।बार-बार, मुख्यमंत्री ने गाय सुरक्षा की आवश्यकता पर बल दिया और यही कहा है की यह दोनों के लिए उनकी सरकार और भाजपा प्रशासन वाली केंद्र सरकार  के लिए “बहुत महत्वपूर्ण” मामला है।आज योगी जी द्वारा लिया हुआ ये कदम भी इसी दिशा की और एक अहम कदम है|

 

 

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