अभिमत

भारत के अंडर 19 क्रिकेट टीम के ‘द्रॊणाचार्य’ ,पद्म विभूषण, गुरु राहुल द्रविड़ को देश का सलाम।

अपने 286 टेस्ट मैचों में एक बार भी गॊल्डन डक पर आऊट न हॊने वाले एकलौते खिलाडी द्रविड़।

विश्व के सर्वॊत्तम बल्लेबाज़ों में से एक हैं राहुल द्रविड़। भारत के क्रिकेट इतिहास के “द ग्रेट वाल” ने मुश्किल के दौर में अपना सर्वश्रेठ प्रदर्शन देकर भारत की लाज हमेशा बचाये रखी। दुख की बात यह हैं की क्रिकेट जगत में वे कभी एक ध्रुव तारे की तरह चमक ही नहीं पाये। अन्य सितारॊं के चमक के बीच में ‘द जेंटलमेन ऒफ़ क्रिकेट’ कहीं खोये हुए ही नज़र आये। अपने पूरे वृत्ती जीवन में कभी सत्ता का लालच नहीं किया। कभी विवादत्मक टीका-टिपाणियां नहीं की। कभी किसी पर आरोप नहीं लगाया। सादगी और सरलता की जीती जागती मूरत ने आज विश्व के मंच पर अपने और अपने देश के मान को गरदिश के तारे की तरह चमकाया।

भारत गुरु-शिष्य परंपरावाला देश है। अर्जुन विश्व श्रेष्ठ धनुर्धर बना गुरू दॊणाचार्य की वजह से। पितामह भीष्म अजेय क्षत्रिय बने गुरु परशुराम की वजह से। श्री कृष्ण श्रेष्ठ दार्शनिक बनें गुरु सांदीपनी के कारण। नरेंन्द्र नामक बालक विवेकानंद बना गुरु राम कृष्ण परमहंस के कारण। और तो और आज जितने भी लॊग अपने क्षेत्र में असीम साधना से सफलता प्राप्त कर रहे हैं उनके पीछे उनके गुरु जनों की महनत और उनका आशीर्वाद हॊता है।

अंताराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में भारत के अंडर 19 क्रिकेट टीम ने नया रेकॉर्ड कायम किया है। लगातार चौथी बार आईसीसी वर्ल्ड कप को जीत कर क्रिकेट जगत में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। निश्चित ही यह जीत पूरी टीम की मेहनत का फल है। लेकिन इस टीम को विश्व विजेता बनाने वाले गुरु द्रविड़ का परिश्रम भी कुछ कम सराहनीय नहीं है। राहुल द्रविड़ खुद इतने महान खिलाड़ी हैं कि इनके नाम पर एक दिवसीय और टेस्ट क्रिकेट में लगभग 25,000 रन प्राप्त करने का रेकॉर्ड दर्ज है। भारत के मुश्किल घड़ियों  में एक शक्तिशाली दीवार के रूप में खड़े रहकर कई बार अपने टीम को जीत दिलवाने का श्रेय भी द्रविड़ को जाता है।

दिसंबर 2016 तक, द्रविड़ टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले चौथे खिलाड़ी हैं। 2004 में, चटगांव में बांग्लादेश के खिलाफ अपना शतक पूरा करने के बाद, वे टेस्ट खेलने वाले सभी दस देशों में शतक बनाने वाले अब तक के पहले और एकमात्र खिलाड़ी हैं। द्रविड़ के अलावा किसी और खिलाड़ी के नाम पर यह रिकॉर्ड दर्ज नहीं है। टेस्ट क्रिकेट में किसी भी खिलाड़ी (गैर-विकेट-किपर) द्वारा ली गई कैच की संख्या के तुलना में द्रविड़ द्वारा ली गयी कैच की संख्या सर्वाधिक है। अपने 286 टेस्ट मैचों में एक बार भी स्वर्ण बतख( गॊल्डन डक) पर आऊट न होने का अनूठा रिकॉर्ड भी अपने नाम में दर्ज किया है।

उनकी सरलता की मिसाल देखिये कि विश्व कप जीतने के बाद भी उन्होंने अपने लड़कों को नसीहत दी की वे अपने जीत का जश्न विनम्रता से मनाये। उन्होंने लड़कों को निर्देश दिया कि वे हारे हुए खिलाड़ियों के प्रति अपमान व्यक्त न करें। हमारा जीत का जश्न किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा नहीं होना चाहिए। ऐसे उच्च विचार एक उच्च संस्कारवाले व्यक्ति के ही हो सकते है जो की द्रविड़ है। जब गुरु अनुशासन की पराकाष्ठा हो तो शिष्य कैसे पीछे रह सकते हैं। भारतीय टीम के अनुशासन की तारीफ़ों के पुल खुद क्रिकेट के देवता सचिन ने बांधा और कहा कि वे लड़कों में गुरु द्रविड़ के अनुशासन की परछाई देख सकते हैं।

फाइनल मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम में अपने घबराये हुए लड़कों का मनॊबल बढ़ाते हुए गुरु द्रविड़ ने कहा ” मैं जानता हूं कि आप लोग फाइनल की गर्मी महसूस कर रहे होंगे, अब आप फाइनल का अर्थ समझ रहे होगें, लेकिन चिंता न करें, आप अपने जीवनकाल का आखरी अवसर नही पा रहे हैं। इस बैच में कल कॊई आईपीएल खेलेगा, कॊई अंतराष्ट्रीय मैच खेलेगा, और ऐसे पल आपके जीवन में बार बार आते रहेंगे। लेकिन आज का ये पल आपके जीवन में फिर कभी नहीं आयेगा। इसलिए कुछ मत सोचो, जाऒ और अपना सर्वॊत्तम प्रदर्शन दो…” आगे क्या हुआ पूरी दुनिया जानती है… भारत के लड़कों ने नया इतिहास रचा.. लगातार चौथी बार वर्ल्ड कप उठाकर अजय बन कर भारत के नाम को क्रिकेट के इतिहास में सदा सदा के लिए स्थापित कर दिया। गुरु और भारत का मान रखते हुए नया विश्व रिकॉर्ड बना दिया।

भारत के क्रिकेट जगत के ‘द ग्रेट वाल’, विश्व विजेता टीम के सर्वश्रेष्ठ गुरु पद्म भूषण और पद्म विभूषण राहुल द्रविड़ को देश का सलाम…जय हो टीम इंडिया…

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