राजनीति

मोदी जी का मास्टर स्ट्रोक: एक तीर दो निशान: तेल भी मिला और विश्व मंच पर पाक को अलग थलग भी किया।

मॊदी जी की अरब यात्रा संपूर्ण रूप से सफल रही। भारत के अब तक के किसी भी प्रधानमंत्री ने जो सपने में भी नहीं सोचा उसे मॊदी जी ने कर दिखाया। विश्व के सारे मुस्लिम देशों के साथ अच्छे संबंध बनाकर पाकिस्तान को विश्व मंच पर अकेला कर दिया। जॊर्डन, फिलिस्तीन, संयुक्त अरब अमिरात,  बहरीन, ईरान, अफ़घानिस्तान, ऒमान जैसे सभी छॊटे बड़े देशों ने मॊदी जी  का गर्म जॊशी से स्वागत किया। इधर फिलिस्तीन ने पीएम मोदी को अपना सर्वोच्च सम्मान दिया और भारत के साथ कई अहम समझौते भी किए। उधर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने मोदी को वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट का मुख्य अतिथि बनाया, और तो और भारत के साथ 4000 करोड़ रुपये की सबसे बड़ी तेल की डील भी की।

यह डील भारत के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। यह डील भारत सरकार की रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व सिस्टम का हिस्सा है। इस सिस्टम के तहत 36.87 मिलियन बैरल कच्चे तेल को स्टोर किया जा सकेगा। इससे आपातकालीन स्थिति में 10 दिन तक देश की औसत तेल जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा। तीन साल पहले भारत सरकार ने अपनी रणनीतिक तेल स्टोरेज क्षमता का एक हिस्सा दुबई की इस कंपनी को लीज पर देने के लिए बातचीत की शुरुआत की थी। देश की इकॉनमी को सुरक्षा प्रदान करने और आपात स्थिति में राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत बनाए रखने के लिहाज से यह डील बेहद महत्वपूर्ण है। इससे पहले ईरान की ऒर से मिले 6 मिलियन बैरल क्रू़ड ऑइल को रिजर्व किया गया था।

इस के साथ साथ भारत ने फिलिस्तीन के साथ भी स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्रों में छह समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। उधर भारत ईरान के साथ मिलकर चाबहार बंदरगाह बना रहा है। जॊर्डन के साथ भी भारत के संबध अच्छे हैं। अफ़गानिस्तान तो पहले कई गुना ज्यादा भारत के करीब है। साऊदी अरब भारत का मुरीद हॊ चुका है। अबु धाबी ने मंदिर बनाने के लिए जगह भी दे दिया। इतना ही नहीं सऊदी अरब आतंकवाद के खात्मे के लिए 34 मुस्लिम देशों के गुट का नेतृत्व कर रहा है। साऊदी ने इसकी कमान पाक के पूर्व सेना प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी को सौंप दिया है। माना जाता है कि कयानी के भारत के साथ प्रगाढ़ संबंध हैं।

एक तरफ़ से मोदी जी रूस और इसरायल से नये और आधुनिक हथियार ले रहे हैं, दूसरी ऒर अरब देशों से तेल ले रहे हैं। पाकिस्तान को छोड़कर विश्व के सभी देश आज भारत के साथ कंधे से कंधे मिला रहे हैं। कट्टर दुश्मन देश भी भारत के लिए एक दूसरे के करीब आते हुए नज़र आ रहे हैं। मोदी जी की मास्टर स्ट्रॊक का तो जवाब ही नहीं। विश्व मंच पर अब पाक का तो केवल दो सहारा है। एक हैं भारत में छुपे गद्दार और दुसरा है चीन। लेकिन चीन का कॊई भरॊसा नहीं, अपने स्वार्थ के लिए चीन किसी भी वक्त पाक को धॊखा  दे सकता है। अब दुनिया के मंच पर पाकिस्तान अलग थलग पड़ गया है। और दूसरी ऒर भारत सभी देशों के साथ अच्छे संबंध बनाकर व्यापारिक और सामरिक शक्ति बढ़ा रहा है।

भारत के इस मास्टर स्ट्रोक से अकेला पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि चीन भी बौखलाया हुआ है। विश्व पर अधिकार जमाने के उसकी मनशा पर मोदी जी ने पानी फेर दिया है। यही कारण है कि पाकिस्तान और चीन ने मिलकर भारत के अंदर के उनके स्लीपर सेल को एक्टिवेट करदिया है जो गली मोहल्ले में दंगा फसाद में निरत हैं। दूसरी ऒर सरहद पर तनाव पैदा कर भारत को क्षती पहुंचाकर मोदी जी के विरॊध में जनता को भड़काने का काम भी कर रहा है। देश के बाहर के दुश्मनों से भारत किसी भी तरह निपट लेगा लेकिन चिंता देश के अंदर छुपे नमक हरामों की है जिनसे निपटना मुश्किल है।

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