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भारत के रेल यातायात में नया “उदय”: व्यापार यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे की नई ट्रेन उदय जल्द ही पटरी पर उतरेगी।

मॊदी सरकार के आने के बाद मानो भारत की यातायात की जान भारतीय रेलवे का तो नक्षा ही बदल गया है। पिछले तीन सालों में रेल यातायात में बड़े बदलाव आये हैं। रेल का सफर अब हवाई जहाज़ के सफर के जैसे ही सुख और सुविधा से लबा लब है। मोदी सरकार ने भारतीय रेल्वे लाईन और रेल के बॊगियों का कायकल्प ही कर दिया है। गतिमान और तेजस जैसे रेलों को उन्नयन करने बाद अब इस सूची में एक और रेल जोड़ दिया गया है।

उदय एक्सप्रेस: ​​भारतीय रेलवे की नई ट्रेन है, जो उत्कृष्ठ डबल-डेकर वातानुकूलित यात्री एक्सप्रेस है। उदय एक्सप्रेस मार्च- 2018 तक भारत की रेल पटरीयों पर उतार दी जायेगी। तेजस, हमसफर और अंत्योदय ट्रेनों के बाद उदय एक्सप्रेस में भी कई अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी। 120 सीटों वाले ऐसी कोच में खाने, चाय और कोल्ड ड्रिंक्स आदि के लिए वेंडिंग मशीन की सुविधा होगी। इन ट्रेनों को देश के बेहद व्यस्त रूटों पर चलाया जाएगा। ये ट्रेनें रात के सफर को ध्यान में रखते हुए बनाई गयीं हैं।

उदय एक्सप्रेस खासकर आरक्षित यात्रियों के सुविधा के लिए बनाया गया है। इसके हर कोच में वाई-फाई स्पीकर सिस्टम से लैस एक बड़ी एलसीडी स्क्रीन लगी है। अगर ट्रेन का सफर इतना आरामदाई होगा तो हवाई जहाज़ की क्या ज़रूरत? अगर आप सॊच रहें हैं कि इतने सुविधा होने के कारण उदय का सफर महंगा हॊगा तो आपको बतादें कि किसी सामान्य ट्रेन के थर्ड एसी के किराये से भी कम किराये में उदय एक्सप्रेस में सफर किया जा सकता है। उदय के बाहरी भाग को भित्तिचित्र विरोधी विनाइल से लपेटा गया है। तेजस एक्स्प्रेस के समान ही इस ट्रेन को पीला, नारंगी और गुलाबी जैसे उज्ज्वल रंगों में रंग दिया गया है।

सामान्य ट्रेनों के मुकाबले इसमें 40 फीसदी अधिक यात्री सफर कर सकेंगे। इससे अधिक मांग वाले रूटों पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी। हालांकि रात्रि सेवा होने के बाद भी इसमें स्लीपर बर्थ नहीं होगी यानी आप लेटे हुए सफर नहीं कर सकेंगे। नई ट्रेन में शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेनों के समान एसी की कुर्सी वाली कार भी है। उदय एक्सप्रेस की सीटें इस प्रकार बनाई गयी है, जिससे यात्रियों को पैर पसारने के लिए आरम मिलेगा। बॉयो-टॉइलट्स समेत इन ट्रेनों का इंटीरियर बेहद खास तरह से बनाया गया है। उदय एक्सप्रेस के दो डिब्बे तैयार हो चुके हैं और पहले रेक में 9 कोच और दो पावर कार होंगे। भारत की कपूरथला रेल कोच फैक्टरी में डबल डेकर कोच में सुधार लाते हुए रेक बनाई जा रही है जो कि जल्द ही पटरी पर दौड़ती हुई नज़र आयेगी।

110 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चलनेवाली उदय के प्रति कोच में एक बार में 120 यात्री सफर कर सकते हैं। लेकिन जिन कॊच को पेंट्री-कम-भोजन क्षेत्र को शामिल करने के लिए संशोधित किया गया है, उन में यात्रियों के बैठने की क्षमता 104 होगी। पहली उदय एक्सप्रेस रैक कोयंबटूर-बेंगलूर मार्ग के बीच में दौड़ाई जायेगी यह रेल मार्ग दक्षिण भारत के महत्वपूर्ण मार्ग में से एक है। व्यापार यात्रियों के लिए विशेष लक्ष्य के साथ बनाई गयी उदय एक्सप्रेस को रात भर लक्जरी बसों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का एक संभावित प्रयास माना जा रहा है। भारतीय रेलवे के इस कदम से सड़क यातायात पर कम बोझ पड़ेगा क्यों कि रात्री के समय लक्जरी बसॊं के वजह से सड़क मार्ग बहुत ही व्यस्त रहता है।

उदय एक्सप्रेस रेल मार्ग इस प्रकार है:
22666 कोयम्बटूर-बेंगलुरु
22665 बेंगलुरु-कोयम्बटूर
22923 बांद्रा (टी) -जमनगर
22924 जामनगर-बांद्रा (टी)
22701 विशाखापट्टनम-विजयवाड़ा
22702 विजयवाड़ा-विशाखापट्टनम

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