राजनीति

मुस्लिम बहुमत देश के प्रधानमंत्री ने भी की मोदी की तारीफ…..पढ़िये इस नेता ने मोदी के बारे में क्या कहा!!!

विश्व को है मॊदी पर है विश्वास :उनकी नज़र में मोदी है विश्व नायक

मॊदी जी के फिलिस्तीन यात्रा को लेकर वहां के राजदूत और लोग बहुत ही उत्सुक हैं। भारत और फिलिस्तीन के लिहाज से यह यात्रा ऐतिहासिक मानी जा रही है क्योंकि फिलिस्तीन जानेवाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री है मोदी जी। मॊदी जी के भेट को लेकर फिलिस्तीन के प्रधानमंत्री डॉ. रामी हमदल्लाह अधिक प्रसन्न हैं। भास्कर को दिये गये अपने संदर्शन में उन्होंने कहा है कि मोदी जी विश्व नायक है और मोदी जी में इतनी क्षमता है कि वे फिलिस्तीन और इसरायल के बीच के उनके मन मुटाव को खत्म कर सकते हैं। दुनिया के सभी देश मॊदी जी के नायकत्व को स्वीकार रहे हैं। फिलिस्तिनी राजदूतों के अनुसार, मॊदी जी का स्वागत खुद फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास करनेवाले हैं।

हमदल्लाह ने कहा कि दावोस में मोदी जी के जलवायु परिवर्तन और विश्व आर्थिक सहयोग को लेकर जॉइंट ग्लोबल एक्शन का आह्वान किया था, उसका वे समर्थन करते हैं। उन्होंने आश जताई कि फिलिस्तीन जैसे विकासशील देशों के लिए भारत का आर्थिक और राजनीतिक ताकत के तौर पर उभरना अच्छी बात है। उनका मानना है, यह यात्रा भारत-फिलिस्तीन के बीच सहयोग के नए अवसर पैदा करेगी। फिलिस्तीनी प्रधानमंत्री ने माना कि पाकिस्तान की रैली में मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के साथ उनके राजदूत का मंच साझा करना आकस्मिक भूल थी और इसे जायज़ ठहराया नहीं जा सकता। उन्होंने उम्मीद जताया कि इस घटना से दोनों देशों के दशकों पुराने रिश्ते पर आंच नहीं आएगी।

उन्होंने कहा कि मोदी जी की यात्रा भारत-फिलिस्तीन के बीच मजबूत रिश्तों की सूचक है। 15 नवंबर 1988 को आजादी की घोषणा के बाद फिलिस्तीन को मान्यता देने वाले पहले देशों में भारत शामिल था। भारत और फिलिस्तीन मुक्ति संगठन (पीएलओ) के बीच संबंध 1974 में कायम हुए। पीएलओ ने फिलिस्तीन में 1975 में कार्यालय खोला और दोनों देशों के बीच 1980 में राजनैतिक संबंध स्थापित हो गए। उनको उम्मीद है कि मोदी जी के यात्रा से दोनों देश के बीच व्यापार, संस्कृति, तकनीक और सूचना के क्षेत्र में सहयोग बढ़ेगा।

भारत ने येरूशलम को इजरायल की राजधानी बनाने के प्रस्ताव पर अमेरिका के खिलाफ जाकर यूएन में वोट दिया था लेकिन इसके बाद खुले मन से इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू का स्वागत किया और नेतन्याहू ने भी भारत के नेतृत्व की जमकर सराहना की थी। अंतराष्ट्रीय मंच पर देशों के बीच के समीकरण बहुत तेज़ी से बदल रहे है। छॊटे-बड़े देश भारत की भूमिका को सम्मान की दृष्टि से देख रहे हैं। भारत विश्व में एक बड़ी आर्थिक शक्ति  के रूप में उभर रहा है। दुनिया के देश भारत को अब नज़र अंदाज़ नहीं कर सकते और उनको आशा है कि भारत ही एक मात्र ऐसा देश है जो दुनिया के बीच बढ़ रहे तनाव को कम कर विश्व में शांती बहाल करने की क्षमता रखता है। भारत की नसॊं में सनातन परंपरा दौड़ती  है। अब भारत का नायकत्व एक ऐसे व्यक्ति के हाथॊं में है जो सनातन परंपरा को अपने जीवन में घॊल कर पी चुके हैं।

मॊदी जी ‘वसुदैव कुटुंबकम’ में विश्वास रखते है। अपने इसी लक्ष को पूर्ण करने के लिए वे दुनिया के सभी देशों को एक दूसरे के करीब ला रहे हैं। निश्चित ही एक बार फिर भारत विश्व गुरू बननेवाला है। हमको मॊदी जी के साथ खड़ा रहकर उनके काम में उनका साथ निभाना है।

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