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दक्षिण ब्लाक नई दिल्ली के केंद्र सरकार के कर्मचारी की जुबानी “क्या 2014 के चुनावों के बाद हालात बदल गए हैं”?

मैं नरेंद्र मोदी जी के बारे में एक बहुत महत्वपूर्ण जानकारी आपके साथ सांझा करने जा रहा हूँ की कैसे वह हमारे भारत में कांग्रेस द्वारा फैलाए कैंसर और खराब स्थिति से देश को उभारने के लिए दिन रात कितनी कड़ी मेहनत कर रहे है|

आज सुबह बस में 45 मिनट की यात्रा के दौरान, मेरी एक व्यक्ति से मुलाकात हुई। उनके साथ बात करते हुए मुझे पता चला कि वे केंद्र सरकार के लिए दक्षिण ब्लॉक, नई दिल्ली में काम कर रहे हैं। वह पिछले 25 सालों से वहां काम कर रहे है। जब इस तथ्य के बारे में मुझे पता चला, मैंने उनसे पूछा, क्या 2014 के चुनावों के बाद हालात बदल गए हैं। उनका जवाब मेरी उम्मीदों को उदासीन करने वाला नहीं था लेकिन उसके कुछ बिंदुओं को सुनने के बाद, मेरी प्रतिक्रिया थी- “हे भगवान!” ऐसा हुआ है|

उन्होंने बताया कि पहले कुछ सचिव स्तर के अधिकारियों के बीच एक संस्कृति थी, समय पर कार्यालय में न आने की। आने के बाद भी, वे अपने काम को लंबे समय के लिए लंबित रखते थे। अत्यावश्यकता के मामले में,  अगर कार्यालय में देर तक बैठना पड़ता था तो देर तक बैठने के लिए एक संस्कृति थी। देर से बैठने के दौरान, वे  “होटल ले मेरिडियन” से अपना खाना मंगवाने का आदेश देते थे जो ₹ 1300 / प्रति प्लेट था|हालांकि कार्यालय में खाने के लिए 15 लोग मौजूद होते थे, फिर भी लगभग 30 लोगों के लिए भोजन मंगवाया जाता था क्यूंकि वे तथाकथित सचिवों के परिवार के सदस्यों के लिए भी मंगवाया जाता था| अगले दिन सुबह, कल रात के खाने का ₹ 39,000 / – का बिल आयोग के वाइस चेयरमैन मोंटेक सिंह अहलूवालिया के पास भेजा जाता था और वो तुरंत उसे उत्तीर्ण कर देते थे।

कांग्रेस के यूपीए सरकार के दौरान इन अधिकारियों द्वारा सार्वजनिक धन की बर्बादी इस तरह की जाती थी।

अब, अगर किसी को देर से कार्यालय में बैठना पड़ता है, तो उनका भोजन उनके घर से आता है। पहले फर्नीचर, पर्दे और कार्यालय की सजावट के लिए सार्वजनिक धन खर्च करने की आदत थी। अब प्रधानमंत्री जी के ने निर्देश दिया है कि 7 साल से पहले फर्नीचर और पर्दे नही बदले जायेंगे और 11 साल से पहले दोबारा फुर्निशिंग नही की जायेगी।

अब, कोई भी फ़ाइल 7 दिनों से अधिक के लिए लंबित नहीं रखी जा सकती है अन्यथा प्रत्यक्ष पी.एम.ओ. जांच शुरू करता है| मध्याह्न के बाद जब भी आवश्यक हो तब सुबह 6:20 बजे भी प्रधानमंत्री द्वारा अपने मंत्रियों की क्लास ली जाती है| मोदी जी सुबह 5 बजे से पहले उठते हैं और 9:20 बजे से पहले कार्यालय पहुंच जाते है। मोदी जी एक वर्ष में 100 से अधिक दिनों के लिए उपवास रखते हैं और उपवास के दौरान वह केवल पानी ही पीते है|

अब नीति आयोग की कैंटीन में, स्वादिष्ट भोजन ₹ 60 से ₹ ​​175 तक उपलब्ध है।सुबह 10:10 बजे तक सभी उपस्थिति पत्र प्रधान मंत्री कार्यालय को भेजे दिए जाते हैं।

केन्द्रीय सरकार के मंत्रालयों में चल रही काजू-किश्मिश-दूध की संस्कृति अब हमारे नए प्रधान मंत्री जी द्वारा रोक दी गई है।

2014 के चुनावों के बाद, उपरोक्त क़दमों के कारण केंद्र सरकार के राजस्व में लगभग 17% की वृद्धि हुई है। हमारे प्रधान मंत्री द्वारा व्यय कम कर दिया गया है।

भारत को हमारे प्रधान मंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी जी को चुनने के लिए धन्यवाद।

कृपया अपने सभी संपर्कों के साथ उपरोक्त संदेश को अग्रेषित करें तांकि ज्यादा से ज्यादा लोग समझ पाए की हमारे प्रधानसेवक किस तरह से हर छोटे से बड़े कदम को लेकर हमारे भारत को तरक्की की राह पर अग्रसर करने के लिए दिन रात एक कर रहे है| नरेंद्र मोदी जी को भारत के प्रधान मंत्री के रूप में चुनने के लिए हमें गर्व होना चाहिए और आने वाले समय में भी हमे अपने राष्ट्र को इन्ही सुरक्षित हाथों में सौंपना है तांकि हर वर्ग में भारत का विकास हो सके |सबका साथ सबका विकास !!!

नमो भारती वांदे मातरम

 

सुभाष मेहता

 

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