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बॉलीवुड ‘बादशाह’ शाहरुख खान के काले कारनामों पर मॊदी सरकार का ‘सर्जिकल स्ट्राईक”:कोई नही बच पायेगा

सत्ता में आने के बाद मॊदी सरकार ने काले धन के खिलाफ ‘सर्जिकल स्ट्राईक’ का जंग छेड़ दिया है|बड़े बड़े चॊर जो टेक्स की चॊरी कर देश की जनता का पैसा खाकर मौज मस्ती कर रहे थे उनके पैरॊं तले ज़मीन खिसक गयी है। काले धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई को एक और पायदान लेकर मॊदी जी 2016 में बेनामी संपत्ति कानून को संशॊधित कर संसद से अनुमॊदन दिलवाने में सफ़ल रहे।

देश भर में बेनामी संपत्ति कानून को लागू करने के बाद कई करोड़ और अरब पतियों की संपत्ति आयकर विभाग के राडार में आ चुकी थी। इसी के चलते बॉलीवुड के तथाकथित ‘बादशाह’ शाहरुख खान की अलीबाग वाली संपत्ति ‘बेनामी’ संपत्ति के राडार में आ गयी है। शाहरुख खान के अलीबाग वाले बंगले को आयकर विभाग ने अपने बेनामी संपत्तियों के सूची में शामिल किया गया है। शाहरुख खान ने 8.5 करॊड रूपये का असुरक्षित ऋण देजा वी फार्म को दिया है।

अजगांवकर ने दावा करते हुए कि वह एक कृषक है इस भूमी को इस शर्त पर लिया था की वे तीन साल के अंदर इसमें कृषी और खेती करेंगे। लेकिन इस भूमी खेती न करके उसे देजा फ़ार्म्स नामक कंपनी को दिया गया जहां कंपनी ने उस में स्विम्मिंग पूल और विलासी बंगला बनवादिया। अजगांवकर को कंपनी से हटाकर रमेश चिब्बा, सविता चिब्बा, और नमिता चिब्बा को बॊर्ड ऑफ डायरेक्टर्स बना दिया गया यह लोग और कॊई नहीं बल्कि खान के सास, ससुर और भाभी हैं।

आयकर विभाग के अनुसार इस ज़मीन को कृषी उद्देश्य के लिए लिया गया था लेकिन भूमी में खेती न कर हेलीपैड, स्विम्मिंग पूल और आलीशान फार्म हाऊस बनाया गया है। आयकर विभाग ने इस संपत्ति को अपने बेनामी संपत्ति के सुची में शामिल कर खान को नॊटिस भेज दिया है जिसका उत्तर उन्हें नब्बे दिनों के अंदर देना हॊगा। अगर खान समर्पक दस्तावेज लाने में असफल हॊ गये तो उनके ऊपर क्रिमिनल मुकदमा दायर किया जायेगा।

आयकर विभाग अधिकारी चंद्र के अनुसार अब तक 621 सम्पत्तियां संलग्न की गयी हैं जिनमें कुछ बैंक और शेल कंपनी को भी राडार के अंदर लाया गया है। बेनामी लेनदेन अधिनियम के तहत देश भर में जांच की जा रही है जिनकी कुल राशी लगभग 1,800 करोड़ रुपये है। चंद्र ने बताया है कि वे उन सभी उपकरणों को नष्ट कर देंगे जो काले धन को सफेद में परिवर्तित करने के लिए उपयोग किए जाते हैं।

काले धन के खिलाफ़ मोदी सरकार सख्त रुख अपना रही है। इसी के चलते सरकार  ने घॊषणा भी की है कि बेनामी प्रॉपर्टी के बारे में जांच एजेंसियों को सूचना देने वाले व्यक्ति को एक करोड़ रुपये तक का ईनाम भी दिया जायेगा। सूचना देने वाले व्यक्ति की जान की सुरक्षा को देखते हुए सरकार ने फैसला लिया है कि उसका नाम हमेशा गुप्त रखा जायेगा। बेनामी संपत्ति का मतलब है कि संपत्ति की कीमत किसी और ने चुकाई हो किन्तु नाम किसी दूसरे व्यक्ति का हो। यह संपत्ति पत्नी, बच्चों या किसी रिश्तेदार के नाम पर खरीदी गई होती है। जिसके नाम पर ऐसी संपत्ति खरीदी गई होती है, उसे ‘बेनामदार’ कहा जाता है।

बेनामी संपत्ति चल या अचल संपत्ति या वित्तीय दस्तावेजों के तौर पर भी हो सकती है। कुछ लोग अपने काले धन को ऐसी संपत्ति में निवेश करते हैं जो उनके खुद के नाम पर ना होकर किसी और के नाम होती है। ऐसे लोग संपत्ति अपने नौकर, पत्नी-बच्चों, मित्रों या परिवार के अन्य सदस्यों के नाम से खरीदते हैं। खान का अलिबाग वाला बंगला भी इसी कारण से बेनामी संपत्ती के अधिनियम के अंदर आया है।

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