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भीम कुण्ड एक ऐसा कुण्ड जिसका रहस्य आज तक कोई भी वैज्ञानिक सुलझा नही पाया है? डिस्कवरी चैनल भी अपनी कोशिश में हुआ असफल

 

महाभारत के पांच पांडवों और द्रौपदी का बुंदेलखंड से गहरा रिश्ता रहा है। कहा जाता है की उन्होंने अपने अज्ञातवास का कुछ समय इस शेत्र में बिताया था। जिस जगह उनके रहने के प्रमाण मिलते है वह छतरपुर जिले में भीम कुण्ड के नाम से जाना जाता है। यह जिला मुखाल्य छतरपुर से करीब 80 किलोमीटर दूर सघन वनों के बीच बाजना कस्बा के पास है। प्रयटन प्रेमियों के लिए यह एक रमणीक जबकि इतिहास और प्रकृति पर शोध करने वालों के लिए एक रहस्यमयी स्थान है|

यह जल कुण्ड प्राकृतिक स्रोत का एक जल कुण्ड है यानी इसका पानी पीने लायक है लेकिन आज तक कोई भी इस रहस्य को खोज नही पाया की इस जल कुण्ड में पानी  कहां से आता है क्यूँ की इस जल कुण्ड के आस पास कहीं भी पानी का कोई स्रोत नही है|

सूखे के समय इस इलाके में पानी की किल्लत हो जाती है पर हैरानी की बात ये है की इस कुण्ड का पानी एक इंच भी कम नही होता|इस कुण्ड की गहराई को भी बहुत बार नापने की कोशिश की गयी लेकिन कभी भी इसकी गहराई का पता नही लगाया जा सका|पूरी दनिया में पाए जाने वाले कुण्ड इतने गहरे नही होते पर भीम कुण्ड इतना गहरा है की हर कोशिश के बाद भी इसकी गहराई नापी नही जा सकी|स्थानीय लोगों का कहना है की इस कुण्ड में डूबने के बाद शरीर कभी ऊपर नही आता और इसकी अनंत गहराई में पहुंच जाता है|आप कहीं किसी और जगह देखेंगे तो पानी में मरने के बाद शव ऊपर आजाता है पर इस कुण्ड में ऐसा नही होता|

इस कुण्ड को लेकर ये भी मान्यता है की जब भी कोई प्राकृतिक आपदा आने वाली होती है तो इस कुण्ड का जल हरकत करने लगता है|साल 2004 में भूकंप और सुनामी के दौरान इस कुण्ड का जल 20 फूट ऊँची लहरें बनाने लगा था और इस बात की चर्चा तब पूरी दुनिया में हुई|इस बात की जांच करने के लिए डिस्कवरी चैनल की टीम यहाँ पे आई लेकिन कई दिनों तक कोशिश के बाद भी वो न तो इसकी गहराई जान पायी और न ही इसके स्रोत का पता लगा पाए|उस समय उन्होंने सबसे अत्याधुनिक मशीनों का इस्तेमाल किया था प्रंतु उससे भी कोई फायदा नही हुआ|

उनके गोताखोरों ने कई बार इसके कुंड में गोते लगाए थे पर वे न तो इसकी गहराई माप सके और न यह पता कर सके की इसमें सुनामी के समय लहर उठने का क्या कारण था|

सबसे पहले तो उन्होंने ये अनुमान लगाया की इस कुण्ड का स्रोत समुंदर से है प्रंतु इतने ज्यदा दूर समुंदर का पानी यहाँ कैसे आता है इसका जवाब उनके पास भी नही था| वैसे भी इस कुण्ड का पानी साफ़ और पीने लायक है जब की समुंदर का पानी ऐसा नही होता है|वहां के प्रशाशन ने भी कुण्ड को खाली करके उकी जांच करनी चाही पर कई दिनों के बाद भी इसका जलस्तर एक इंच भी कम नही हुआ|

प्राचीन कथा के अनुसार जब द्रौपदी को प्यास लगी तो उन्होंने भीम को पानी लाने के लिए कहा और उनकी हर कोशिश के बाद भी उन्हें पानी नही मिला| तब गुस्से में उन्होंने गदा के प्रहार से ही इस कुण्ड का निर्माण करवाया और तब से ही यहाँ कभी पानी कम नही हुआ|

इस कुण्ड ने आज भी हर तर्कशाश्त्री का तर्क गलत साबित किया है और भविष्य में भी इसके सुलझने की उम्मीद कम ही लगती है की इसका रहस्य सुलझाया जा सकेगा|

 

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