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पाकिस्तान की अब खैर नही:अमेरिका ने पाकिस्तान को वित्तीय कार्रवाई टास्क फोर्स (FATF) के आतंकवादी वित्तपोषण वॉच सूची में स्थानांतरित करने के लिए कदम उठाया

 

एक कड़ा कदम उठाते हुए आज अमेरिका ने इस बात का संकेत दिया है की पाकिस्तान की अब खैर नही| पाकिस्तान द्वारा निर्यात किए जा रहे अनावृत आतंकवाद पर वैश्विक कार्रवाई की जायेगी , इसी के चलते एक महत्तवपूर्ण फैसला लेते हुए अमेरिकी ने भारत के पश्चिमी पड़ोसी पाकिस्तान को वित्तीय कार्रवाई टास्क फोर्स (एफएटीएफ) के आतंकवादी वित्तपोषण वॉच सूची में स्थानांतरित करने के लिए कदम उठाया है।

एफएटीएफ एक अंतरसरकारी संगठन है जिसका गठन 1989 में किया था| एफएटीएफ मनी लॉंडरिंग से निपटने के लिए नीतियों का विकास करता है।इसका मुख्यालय पेरिस में है, इसमें भारत सहित 37 सदस्य शामिल हैं, पर पाकिस्तान इस में शामिल नही है|

नवंबर 2017 में बूएनोस एरीज में अपनी पूर्णता के बाद, एफएटीएफ ने आंतक-वित्तपोषण के लिए पाकिस्तान को नोटिस दिया था और उसने लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और जैश-ए- मोहम्मद (जेएम) जैसे आतंकवादी समूहों पर कार्रवाई की अनुपालन रिपोर्ट मांगी थी। उस समय, केवल 37 सदस्य देशों के चीन ने पाकिस्तान का समर्थन किया था। पेरिस में एफएटीएफ की बैठक से पहले इस पर रिपोर्ट पेश की जानी थी, जो 18 से 23 फरवरी के बीच है।पाकिस्तान को इससे पहले भी फरवरी 2012 में एफएटीएफ की ग्रे सूची में रखा गया था और वहां वे  तीन साल तक रहा।

हालांकि, अमेरिका और भारत के दबाव में आकर उसने हाल ही में मोस्ट वांटेड आतंकी, 26/11 के मास्टरमाइंड हाफिज़ सईद के खिलाफ सख्त रुख अपनाया था. पाकिस्तान ने हाफिज़ के संगठन जमात-उद-दावा पर प्रतिबंध लगाया है. लेकिन इसके पीछे भी पाकिस्तान का एक एजेंडा छुपा है, जिसके जरिए वह भारत और अमेरिका की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश कर रहा है|

दरअसल, जल्द ही पेरिस में आतंकवाद को आर्थिक मदद के मुद्दे पर बहुत बड़ी बैठक होने वाली है. भारत और अमेरिका की कोशिश है कि इस बैठक में पाकिस्तान को घेरा जाए. दोनों देशों की कोशिश है कि एफएटीएफ की सूची में पाकिस्तान का नाम शामिल हो जाए. और दुनिया के सामने यह सच आए कि पाकिस्तान आतंकवाद का खुलेआम समर्थन करता है और आतंकवादियों को फंडिंग भी करता है.

2018 के पहले दिन ही, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पाकिस्तान पर हमला करते हुए उसे चेतावनी दी थी की पाकिस्तान आतंकवाद को कम करने और देश के लिए सैन्य सहायता को समाप्त करने के संबंध में इसके “झूठ और धोखे” के लिए इसे मुहैया कराते हुए। तदनुसार, अमेरिकी प्रशासन ने पाकिस्तान को दी जा रही करीब 2 अरब डॉलर की सहायता को खत्म कर दिया था और फिर, 24 जनवरी को अमेरिका ने पाकिस्तान पर अफगानिस्तान की सीमा के पास हक़ानी नेटवर्क के खात्मे के लिए एक बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला किया।फिर उसके बाद फिर 8 फरवरी को एक और ड्रोन स्ट्राइक की|

पाकिस्तान अब चारों और से घिर चूका है|पाकिस्तान की अब खैर नही है बिलकुल भी|अब सदियों से चले आ रहे पाकिस्तान की ये काली करतूतें अब और नही चलेगी|पाकिस्तान का अंत बेहद करीब है|

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