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विदेशी प्रवासियों के भारत प्रवास ने रचा नया इतिहास: भारत को विदेशी पर्यटकों से मिली 1.82 करोड़ रूपये की आमदनी।

भारत के प्रवासोद्यम ने नया मुकाम हासिल किया है। वर्ष 2017 में सबसे ज्यादा विदेशी पर्यटकों ने भारत प्रवास किया है। पिछले दस साल के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए भारत सरकार को इस बार 1.82 करोड़ का लाभ प्रवासोद्यम से ही मिला है। भारत में प्रवासॊद्यम की  अनगिनत संभावना है। भारत एक विविधता में एकता रखने वाला देश है। यहां कई प्रकार की संस्कृती, सभ्यता, अचार-विचार, खान-पान, रहन-सहन और धर्मिक रिवाजें देखने को मिलती है। भारत की इसी विविधता के कारण सदियों पहले से ही हमारा देश विदेशियों के लिए आकर्षण का केंन्द्र रह चुका है। भारत के विजय नगर साम्राज्य और नलादां विश्वविद्यालय विश्व में ही प्रसिद्द थे और हज़ारॊं विदेशी पर्यटकों को आकर्शित करते थे।

भारत के लिए यह बड़ी खुशी की बात है की विदेशी पर्यटकों के भारत प्रवास के आँकड़ों में बढ़ॊत्तरी आई है। FTA के अनुसार साल 2017 में करीब 10 मिलियन से भी ज्यादा विदेशी पर्यटकों ने भारत दौरा किया है। विदेशियों के इस दौरे से भारत को 27 बिलियन डॉलर की आमदनी मिली है। भारत सरकार का प्रयास है कि भारत अधिक से अधिक विदेशी प्रवासियों को आकर्षित करे जिससे देश के GDP में भी उछाल आये। प्रवासोद्यम से भारत को अपने GDP में 6.88% का योगदान मिलता है। देश के रॊजगार में करीब 12% यॊगदान इस उद्यॊग से ही आता है। ऐसे में इस उद्यॊग को बढ़ावा मिलने से GDP और रॊजगार दोनों में विकास देखा जा सकता है।

अंतराष्ट्रीय प्रवासी मापदंडॊं की सूची में भी भारत के रैंकिंग में उछाल आया है। Tourism Competitiveness Index के अनुसार साल 2013 में भारत 65वें पायदान पर था लेकिन अब वह 25 पायदान ऊपर उछलते हुए 2017 में 40वें नंबर पर आ गया है। केवल चार साल के भीतर पच्चीस पायदान की उछाल यह प्रवासॊद्यम की अच्छे दिनों की शुरुवात है। भारत सरकार की नयी ‘स्वदेश दर्शन’ यॊजना के अंतर्गत देश में पर्यटन को बढ़ावा देते हुए विषय अधारित और धार्मिक पर्यटन के साथ साथ आधारिक संरचना की तरफ़ भी ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। इस यॊजना के तहत भारत के पूर्वोत्तर राज्यों की ओर विषेश ध्यान दिया जा रहा है जहां पर्यटन की अपार संभावना है। इससे पूर्वॊत्तर राज्यों को भी आर्थिक सहायता प्राप्त हॊगी।

2017-18 लिए कुल 67 परियॊजनाओं को ‘स्वदेश दर्शन’ के अंतर्गत लाया गया है जिनमें से ग्यारह परियोजनाओं को सरकार द्वारा मंजूरी भी दी गयी है। इन परियोजनाओं में भारत के सभी तीर्थ स्थान और ऐतिहासिक जगहों का समग्र विकास किया जायेगा। भारत पर्यटन को एक उद्यम के रूप में बढ़ावा देने की कॊशिश में लगा है इसलिए सरकार ऐतिहासिक जगहों के साथ साथ गॉल्फ के मैदानों पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। ‘अतुल्य भारत’ के अपने अभियान में ज्यादा से ज्यादा प्रयटकों को आकर्षित करने के लिए महिला पॊलो खेल को भी बढ़ावा देने की दृष्टि से सरकार अपनी नीतियां बना रही है। मणिपुर की महिला पॊलॊ टीम ने अपने असीम प्रदर्शन से दुनिया का ध्यान अपनी तरफ़ खींच लिया है जिसका लाभ भारत सरकार पर्यटन द्वारा उठा सकती है।

लोग भारत सरकार पर अच्छे दिनों को लेकर प्रश्न पूछते हैं और सवाल उठाते हैं। पिछले तीन वर्षॊं में भारत के हर क्षेत्र में विकास हो रहा है। अनगिनत संभावनों के बावजूद भी भारत कभी पर्यटन के क्षेत्र में वह मुकाम हासिल नहीं कर सका जो वह करने की क्षमता रखता था। पिछली सरकारॊं की दूरदृष्टि और इच्छाशक्ति की कमी के वजह से पश्चिम के देशॊं के मन में भारत के प्रति आदर और सम्मान नहीं था। भारत को गंदगी भरा, अनपड़-गवांर और सफेरॊं का देश माना जाता था। लेकिन अब वक्त बदल गया है और धीरे धीरे देश भी बदल रहा है। अब विश्व के अन्य देश भारत को और उसकी सदियों पुराने धरॊहर को देखने के लिए उतावला हो रहे है। भारत में विदेशी पर्यटकों के आगमन में आई उछाल ही इस बात का साक्ष्य है।

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