अर्थव्यवस्था

राजस्थान के उद्योग जगत को मिलने जा रही है मोदी सरकार की और से एक बड़ी सौगात

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी राजस्थान के विकास का आज एक नया अध्याय लिखने जा रहे है| आज बाड़मेर के पचपदरा में विकास पुरुष माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कर कमलों द्वारा ऐतिहासिक रिफाइनरी के कार्य का शुभारंभ किया जाएगा।

राजस्थान रिफाइनरी राज्य में सबसे पहली होगी, जिसमें विशाल तेल और गैस के भंडार होंगे। यह रिफाइनरी राजस्थान को, विशेष रूप से राज्य के मेहनती युवाओं को लाभ देगी।उनके लिए नये रोज़गार के अवसर पैदा होंगे|

अब कांग्रेस ने इस पर भी राजनीती शुरू कर दी है|कांग्रेस के अनुसार इसकी नींव उनके द्वारा रखी गयी थी पर अब इसका श्रेय मोदी सरकार ले रही है जबकि 2013 में कांग्रेस ने किसी भी संवैधानिक मंजूरी के बिना केवल एक रिफाइनरी की घोषणा करके राजस्थान के युवाओं की आकांक्षाओं और भावनाओं का मज़ाक उड़ाया था| अब 2018 में नरेंद्र मोदी जी और वासुंधरा जी ने राजस्थान के लोगों की आकांक्षाओं को आकार देने के लिए एक स्पष्ट रूपरेखा तैयार की है|

राजस्थान का भविष्य संवारेगी रिफाइनरी

बाड़मेर के पचपदरा में लगने वाली रिफाइनरी राजस्थान में सबसे बड़ा निवेश है, जो प्रदेश का भविष्य संवारने जा रही है। करीब 43 हजार करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आज जामा पहना दिया जाएगा| बाड़मेर रिफाइनरी भारत की पहली पर्यावरण-अनुकूल रिफाइनरी है, जो बीएस -6 मानक उत्सर्जन मानदंडों पर खरा उतरती है।रिफाइनरी की परिकल्पना 9 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष (एमएमटीए) रिफ़ाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल परिसर के रूप में की जाती है।  बाड़मेर रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स बीएस -6 ग्रेड ईंधन बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया पहला भारतीय ग्रीनफील्ड रिफाइनरी है । बाड़मेर रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल्स प्रोजेक्ट बुनियादी ढांचे के विकास, स्वास्थ्य सेवा में सुधार, पश्चिमी राजस्थान में प्रतिष्ठित शिक्षा संस्थानों की स्थापना में अभूतपूर्व वृद्धि लाएगी|

हाल ही में मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने प्रदेश के हित में लगने वाली इस रिफाइनरी के फायदे जन-जन तक पहुंचाने के लिए जागरूकता रथ रवाना किये। इस प्रकार के 30 रथ तक़रीबन 15 दिनों तक प्रदेश के 29 जिलों की गांव-ढाणियों में जाकर फिल्मों एवं नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से बाड़मेर रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल परियोजना और इससे होने वाले फायदों की जानकारी आमजन तक पहुंचाई गयी है।

राज्य सरकार ने एचपीसीएल के साथ पूर्व में हुए एमओयू की समीक्षा करते हुए राजस्थान और प्रदेश के लोगों के हित में पुनः एमओयू किया था। इस नये एमओयू से प्रदेश पर पड़ने वाले आर्थिक भार में उल्लेखनीय कमी आई है।तकरीबन 40,000 करोड़ की राशि राजस्थान सरकार द्वारा इससे बचाई जायेगी|

“परियोजना से पूर्व की आंतरिक वापसी की दर 6.32% प्रतिशत थी, जिसमें राज्य सरकार पर 56,040 करोड़ का बोझ था । परियोजना से आईआरआर अब सिर्फ 12 फीसदी है, जिसने  राज्य सरकार का बोझ केवल 16,845 करोड़ कर  दिया है ।

राज्य सरकार की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने  रिफाइनरी के शुभारंभ पर बेहद ख़ुशी जताई है|

इस पर राजस्थान की जनता  काफी खुश है और  मोदी सरकार को इस अधूरे पड़े काम को नए सिरे से करकर इसका संचालन करने के लिए बेहद आभार व्यक्त कर  रही है|

राजस्थान रिफाइनरी राजस्थान और भारत की न केवल आर्थिक स्थिति को  बदलेगा, बल्कि बाड़मेर में  विश्वस्तरीय सुविधाएं भी लाएगा और रोजगार के अवसरों का दायरा और बड़ा कर देगा।

 

Boiler in stream power plant at night
Oil refinery

 

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