राजनीति

योगी सरकार के खौफ से शिक्षा शेत्र के माफिया भी घबराए:याद आया उन्हें कल्याण सिंह और राजनाथ सरकार का दौर

तकरीबन छ: लाख विद्यार्थी ने दो ही दिन में परीक्षा के आगे टेके घुटने

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ लहर हर तरफ दौड़ रही है फिर वो अपराधियों का सफाया हो या बच्चों की परीक्षा|योगी आदित्यनाथ का डर चारों और फैला हुआ है| एशिया का सबसे बड़ा बोर्ड यूपी बोर्ड जो हमेशा से खुलम खुला नक़ल करवाने के लिए मशहूर था अब वो भी इस लहर की त्रीवता महसूस कर रहा है|उस नक़ल करने और करवाने पर योगी जी ने तालेबंदी कर दी है|

आलम कुछ यूँ है की न चिट चल रही है न पुर्जी|अर्रा फार का खेल भी खत्तम हो गया है|उत्तर प्रदेश बोर्ड में बरसो से चली आ रही नक़ल प्रणाली पर पलीता लगते ही नकलची छात्रों की हिम्मत ने जवाब दे दिया है |अभी केवल दो ही पेपर हुए है और लाखों की तागाद में छात्रों ने परीक्षा को नमस्ते करदी|

पहले ही दिन 1.8 लाख से भी अधिक छात्र परीक्षा देने ही नही पहुंचे और दुसरे दिन तो ये संख्या बड़कर 6 लाख तक पहुंच गयी है| गोंडा के एक सेंटर में 40 बच्चों ने परीक्षा देनी थी लेकिन वहां केवल एक ही छात्र परीक्षा देने पहुंचा| आज़मगड़ में कुल 65000 छात्र छात्राओं ने परीक्षा नही दी है, हरदोई में 33414,इलाहाबाद में 22320,कानपुर में 12000 ,बाराबंकी में 5500 और नक़ल का गड़ माने जाने वाले बलिया में 73449 छात्र इस बार परीक्षा से उनुपस्थित रहे|वैसे तो  कहां कहां की बात करे यही हाल सम्भल,सहारनपुर से लेकर लाखीम्पुर तक है|

छात्रों को नक़ल करने,नक़ल करवाने और इस तरह पास होने की ऐसी गन्दी लत लग चुकी है की अच्छे काम में सहयोग करने की बजाए छात्रों ने परीक्षा ही छोड़ दी है मगर सरकार ने साफ़ करदिया है की प्रदूषित हो रही शिक्षा प्रणाली को किसी भी कीमत पे सुधारना ही है|

इस साल योगी सरकार ने सभी परीक्षा केन्द्रों में CCTV कैमरे लगवा दिए है जिनसे छात्रों पर कड़ी नजर रखी जा रही है|शिक्षा शेत्र के माफिओं पर लोकल इंटेलिजेंस एजेंसियों द्वारा नज़र रखी जा रही है| धोखाधड़ी को रोकने के लिए परीक्षा हाल में जाने से पहले छात्रों की अच्छे से जांच की जाती है| परीक्षा हॉल, क्षेत्रों में केंद्रों को विभाजित करदिया गया है|

ऑफिसर्स को मजिस्ट्रेट्स नियुक्त किया गया है और केंद्र के 100 मीटर के भीतर निषेधाज्ञा के आदेश जारी किये गये है। बोर्ड ने अनुपस्थितियों के विवरणों को अपडेट करने के लिए परीक्षा केंद्र समन्वयकों को निर्देश दिया है और बोर्ड ने इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल भी बनाया है जहां दैनिक आधार पर प्रत्येक को परीक्षा के पूरा होने के बाद अपना विवरण अपडेट करना होगा|

उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने बताया है कि “एसटीएफ और स्थानीय खुफिया एजेंसियों को तैनात करने का उद्देश्य ही यही था की नकली नि: शुल्क परीक्षा का संचालन किया जाए और इसमें उलंघन पैदा करने वालों के खिलाफ सख्त कारवाई की जाए”|उन्होंने कहा कि सरकार ने एसटीएफ और स्थानीय इंटेलिजेंस की मदद लेके उन शिक्षा केन्द्रों को चुना जिनकी छवि अच्छी थी और जो नक़ल करवाने के लिए कुख्यात नही थे| इसी वजह से इस साल परीक्षा केन्द्रों की संख्या भी 12,000 से नीचे 8,500 तक आ गई है|

पहले ही दिन कड़ी कारवाई करते हुए  नैनी के एक स्कूल में एक विशेष कार्य बल ने दो शिक्षकों और उस के हेडमास्टर को नक़ल करवाने के जुर्म में गिरफ्तार भी कर लिया है| अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (विशेष टास्क फोर्स) प्रवीण सिंह चौहान ने बताया कि बाल भारती के एक शिक्षक नैनी में स्कूल में सीसीटीवी कैमरे के बावजूद एक कक्षा में छात्रों को जवाब लिखवा रहे थे|

जब विशेष कार्य बल ने मामले की जांच की, तो यह पाया कि मुख्य स्कूल शिव प्रसाद और एक अन्य शिक्षक, शिवशंकर मिश्रा ने 2,000 रु और 3,000 रु प्रत्येक छात्र से रिश्वत ली थी उन्हें नक़ल करवाने के लिए|

योगी सरकार ने ये स्पष्ट कर दिया है कि कोई भी परीक्षाओं के दौरान किसी भी अयोग्य साधन का अभ्यास करते पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कारवाई होगी| “हमने परीक्षाओं दौरान सभी संभव तरीके और अनुचित साधनों का अध्ययन किया है|परीक्षार्थी अगर किसी और का अपनी जगह प्रतिनिधित्व करते हैं या मूल्यांकन केंद्रों तक पहुंचने से पहले जवाब शीट्स बदलने की कोई कोशिश करता है तो अब वो ऐसा कुछ नही कर पायेंगे” उपमुख्यमंत्री ने कहा|

ये योगी जी का जादू ही है जो चारों तरफ चल रहा है|ये वाक्य ही काबिले तारीफ़ है की योगी सरकार ने इस भ्रष्टाचार के खिलाफ करवाई सुनिश्चित की है|योगी जी के इस कदम ने छात्रों को नक़ल जैसे बुरे कामों में न पड़ने को मजबूर कर दिया है| नक़ल के पीछे एक पूरा माफिया काम करता है जो अब योगी सरकार से बिलकुल वैसे ही डर रहा है क्यूँ की उन्हें कल्याण सिंह और राजनाथ सिंह की सरकार का दौर याद आ रहा है|

 

 

 

 

 

 

 

 

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