अर्थव्यवस्था

मोदीजी के चार एहम कदम जिसकी वजह से मूडीज की रेटिंग में सुधार आया

 

 

मोदी सरकार के लिए ये एक बड़ी उप्लब्दी है क्योंकि 14 साल के लंबे अंतराल के बाद वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने भारत के स्थानीय और विदेशी मुद्रा जारीकर्ता रेटिंग को Baa3 से Baa2 उन्नत कर दिया और पॉजिटिव से स्टेबल कर दिया।मूडी का कहना है की मोदी सरकार द्वारा किए गए सुधारों की वजह से कर्ज के बढ़ते स्तर को स्थिर करने में मदद मिलेगी। सबसे कम निवेश-श्रेणी रैंकिंग से यह एक स्तर ऊपर का बदलाव भारत को फिलीपींस और इटली के साथ ले आया है।

कई शीर्ष लोगों और अर्थशास्त्रियों ने इस समाचार का स्वागत किया, और कहा कि यह मोदी सरकार के प्रयासों की पहचान कराता है जो उन्होंने भारत को विकास के रास्ते पर ले जाने के लिए उठाए ।आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव श्री सुभाष चंद्र गर्ग ने कहा कि भारत रेटिंग्स अपग्रेड पिछले 3 वर्षों में सरकार द्वारा किए गए कार्य का संकेत है। लोगों को समझा रहे हैं कि पिछले एक या दो वर्षों में, मैक्रोइकॉनॉमिक्स बहुत अच्छा है। आइये उन चार क़दमों को समझते है जिसकी वजह से उप्लब्दी हासिल हुई।

जीएसटी

अपनी रिपोर्ट में, मूडी ने जीएसटी के नए अप्रत्यक्ष कर शासन के संबंध में सरकार के प्रयासों को मान्यता दी। मूडीज ने कहा कि नए अप्रत्यक्ष कर शासन के कार्यान्वयन ने निकट अवधि में विकास को कम किया है, और उन्हें पूरी उम्मीद है कि मार्च 2018 (वित्तीय वर्ष 2017) में समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष में असली जीडीपी विकास दर 6.7% हो जाएगी। मूडी का कहना है कि जीएसटी “अंतरराज्यीय व्यापार में बाधाओं को दूर करके उत्पादकता को बढ़ावा देगा।”

पीएसयू बैंक सुधार

नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार ने पिछले महीने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के पुनर्पूंजीकरण के लिए 2.11 लाख करोड़ रुपये की एक बड़ी योजना की घोषणा की, मूडी ने स्वीकार किया कि “बैंकिंग प्रणाली में गैर-निष्पादन ऋण (एनपीएल) के अतिरंजन को संबोधित करने के उपाय” कारोबारी माहौल में सुधार लायेंगे और सरकार के उद्देश्य को आगे बढ़ाएगा। एचडीएफसी के चेयरमैन दीपक पारेख ने कहा,  ये एक भारतीय “TARP”, है ,मतलब भारत का संपत्ति राहत कार्यक्रम है और यह अच्छा कर चुका है क्योंकि 2.11 ट्रिलियन रुपये दो साल का है। इसलिए सरकार ने न केवल वर्तमान एनपीए का ख्याल रखा है, लेकिन 5-10% जो बाद में भी आ सकता है उसका भी ध्यान रखा है। यह एक बड़ा सुधार है।

आधार-यूआईडी

वैश्विक रेटिंग फर्म ने बायोमेट्रिक खातों की आधार प्रणाली और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) प्रणाली के माध्यम से लाभ की लक्षित डिलीवरी में सरकार के प्रयासों को श्रेय दिया,  और कहा इससे अर्थव्यवस्था में अनौपचारिकता में कमी आएगी। हाल ही में एक रिपोर्ट में मॉर्गन स्टेनली ने , यह सुनिश्चित किया है की भारत सरकार का प्रयास कि जन-धन योजना के जरिए हर घर का बैंक खाता हो और  उसे आधार और मोबाइल कनेक्टिविटी के साथ जोड़ा जाये भारत की डिजिटल व्यवस्था को और बड़ावा देगा ।

विमुद्रीकरण

“मूडी का मानना ​​है कि आज तक लागू किए गए (सुधार) व्यापार वातावरण में सुधार, उत्पादकता बढ़ाने, विदेशी और घरेलू निवेश को उत्तेजित करने, और अंततः मजबूत और सतत विकास को बढ़ावा देने के सरकार के उद्देश्य को आगे बढ़ाएंगे। इस प्रकार ये सभी कार्यक्रम भारत की मजबूत विकास क्षमता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सुधार लायेंगे और किसी भी स्थिति से सामना करने में मदद करेंगे। “मूडी ने कहा,” इन उपायों में से अधिकांश अपने प्रभाव को दिखाने के लिए थोड़ा समय जरुर लेंगे पर इनके परिणाम बहुत अच्छे होंगे।


निहारिका

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