अर्थव्यवस्था

भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर

 

 

भारत के अर्थव्यवस्था की ग्रोथ अगले 10 सालो के लिए नए लक्ष्य निर्धारित कर रही है और पूरा विश्व इसको ध्यान से देख रहा है। भारत के विकास की कहानी को नीचे सिर्फ एक चार्ट से प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।

भारत पहले ही चीन के बाद दूसरी सबसे बड़ी “ब्रिक” (BRIC) अर्थव्यवस्था बन कर उभर चुकी है, और भारत नॉमिनल जीडीपी में अगले आने वाले 10 सालों में फ्रांस, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी और जापान को पछाड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पे है। ये बैंक ऑफ अमेरिका-मेरिल लिंच ग्लोबल रिसर्च की एक रिपोर्ट में प्रकाषित हुआ है। रिपोर्ट ये कहती है कि “हम भारत को 2028 तक नॉमिनल जीडीपी (डॉलर में) में जर्मनी और जापान से आगे निकलते हुए पाते हैं।” इस रिपोर्ट में ये संभावना जताई गई है कि भारत की अर्थव्यवस्था 10% के ग्रोथ रेट( नॉमिनल अमेरिकी जीडीपी में) से अगले दशक में बढ़ेगी जो कि जापान के 1.6% से काफी ज्यादा है।

जबकि, मोर्गन स्टेनली ने भी कहा है कि अगले 10 सालों में भारत 6 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी होगी जो कि दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगी। और इसमें सबसे बड़ा योगदान अर्थव्यवस्था का डिजिटलीकरण करने के कारण है। मोदी सरकार ने जबसे कामकाज संभाला है उनका निरंतर प्रयास यही रहा है कि भारत के लगभग सभी लोगो का योगदान भारत की अर्थव्यवस्था में हो और वो आर्थिक रूप से अर्थव्यवस्था से जुड़े हो। जनधन खाते खुलवाना, या फिर कारोबारी सुगमता के लिए प्रयास करना, या फिर मुद्रा योजना के तहत सरल लोन बांटना इसी क्रम के प्रयास है। पिछले साल 8 नवंबर को की गई नोटबंदी के बाद भारतीयों के खर्च करने के तरीके में आमूल चूल बदलाव आया है। और लोग अब डिजिटल तरीके से पेमेंट करने में इच्छुक है। सरकार ने भी लोगो को प्रोत्साहित करने हेतु कुछ आकर्षक योजनाएं चलाई और एक पेमेन्ट एप्प “भीम” भी लांच किया।

भारत के अर्थव्यवस्था की ग्रोथ स्टोरी को नीचे दिए गए एक चार्ट से समझने की कोशिश करते है।

 

जैसा कि चार्ट में दिखाया गया है, भारत पहले ही कनाडा, इटली, रूस, ब्राज़ील से आगे निकल चुका है और चीन के बाद दूसरी सबसे बड़ी ब्रिक इकॉनमी बन चुकी है और बहुत जल्द ही फ्रांस और ब्रिटेन को पीछे छोड़कर 2019 तक जर्मनी के बाद दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। भारत 2028 में जापान से आगे निकल कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगी। रिपोर्ट जिसका शीर्षक “India 2028: The Last BRICK in the Wall” में बताया गया है कि एक दूसरे पे ‘निर्भरता के अनुपात में कमी होने’, ‘वित्तीय परिपक्वता बढ़ने’ और ‘बढ़ती आय, खर्च की क्षमता बढ़ने’ ये तीन प्रमुख कारक होंगे भारत के बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह में।

“विभिन्न ढांचागत कारक चीन, ब्राज़ील और रूस के ग्रोथ में सहायक होंगे। यहां हमने भारत की संभावनाओं को बड़े परिदृश्य में लिया है और ये तीन मजबूत ग्रोथ ड्राइवर है जो भारत की अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में सहायक होंगे” ये इस रिपोर्ट को संयुक्त रूप से लिखने वाले इंद्रनील सेन गुप्ता और आस्था गुड़वानी ने कहा।

“पहली कारक, निर्भरता अनुपात में कमी होने से बचत और इन्वेस्टमेंट दरों में वृद्धि होनी चाहिए। दूसरी कारक, वित्तीय परिपक्वता बढ़ने, जो कि वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर होने और अर्थव्यवस्था में सीधे जुड़ाव होने की वजह से आएगी, से लेंडिंग दरों में लगातार कमी आनी चाहिए। और तीसरी कारक, आय बढ़ने और खर्च करने की क्षमता में बढ़ोत्तरी होने से बड़े बाजारों को उभरने में सहायक होगी। जो कि संभावित 7% की सही मायने में जीडीपी ग्रोथ में सहायक बनेगी।” ऐसा इस रिपोर्ट में बताया गया है। रिपोर्ट में इस अनुमान के साथ कि 6% महंगाई दर और 3 प्रतिशत डेप्रिसिएशन होगी, 10% के नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ की संभावना बताई है।

रिपोर्ट आगे ये भी बताती है कि निर्भरता अनुपात( 14 वर्ष से कम आयु और 65 वर्ष से ज्यादा आयु वर्ग के लोगो की जो कि वित्तीय रूप से निर्भर है दुसरो पर) में कमी आने की पूरी संभावना है जो कि 2028 में 46.2% होगी और ये अभी के 52.2% और 1990 में 71.7% से काफी कम होगी। जो की बचत को जीडीपी के 32% तक बरकरार रखने में सहायक होगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने सतत प्रयास से भारत को पूरे विश्व मे एक सबसे शक्तिशाली और उभरती हुई अर्थव्यवस्था बना दिया है। अभी हाल ही में कारोबारी सुगमता में भारत ने ऊंची छलांग लगाते हुए टॉप 100 देशो में जगह बनाई है। ऐसा ऊपरी स्तरों पर भ्र्ष्टाचार में कमी होने, कारोबार के शुरुआत के लिए सिंगल विण्डो देने की वजहों से हुआ है। नोटबंदी ने काले धन पर काफी हद तक लगाम लगाने में सफलता पाई है और उसके बाद जीएसटी लागू होने से एक देश एक कर व्यवस्था हो गयी है जिससे कारोबार करने में सुगमता आयी है। अब भारत निश्चित रूप से मोदी जी के प्रयासों से विश्व मे अग्रणी भूमिका निभाने को तैयार हैं।


विवेक गुप्ता

 

 

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