अभिमतराजनीति

गुरू का सपना और शिष्य का प्रण भारत के कॊने कोने में कमल खिलाना, ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ बस कुछ कदम है और चलना ।

भारतीय जनता पार्टी की नींव है श्यामाप्रसाद मुखर्जी द्वारा 1951 में निर्मित भारतीय जनसंघ।1977 के दौरान आपातकाल की समाप्ति के बाद जनता पार्टी के निर्माण हेतु जनसंघ अन्य दलों के साथ विलय हो जाता है और कांग्रेस पार्टी को आम चुनावों में धूल चटा देता है। तीन वर्षों तक सरकार चलाने के बाद 1980 में जनता पार्टी विघटित हो जाती है और पूर्व जनसंघ के पदचिह्नों को पुनर्संयोजित करते हुये भारतीय जनता पार्टी का निर्माण करती है। शुरुआत में पार्टी चुनाव जीतने में असफल रही और 1984 के आम चुनावों तक केवल दो लोकसभा सीटें जीतने में सफल रही। इसके बाद कई राज्यों में चुनाव जीतते हुये और राष्ट्रीय चुनावों में अच्छा प्रदर्शन करते हुये 1996 में पार्टी भारतीय संसद में सबसे बड़े दल के रूप में उभर कर आती है। 1996 में भाजपा को दिल्ली में सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया गया जो मात्र 13 दिन चली।

1998 में आम चुनावों के बाद भाजपा के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का निर्माण हुआ और अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में सरकार बनी जो एक वर्ष तक चली। इसके बाद आम-चुनावों में NDA को पुनः पूर्ण बहुमत मिला और अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में सरकार ने अपना पाँच वर्ष का कार्यकाल पूर्ण किया| 2004 के आम चुनाव में भाजपा बुरी तरह से लॊकसभा चुनाव हार जाती है और अगले 10 वर्षों तक भाजपा संसद में मुख्य विपक्षी दल की भूमिका निभाती है। 2014 का लोकसभा चुनाव भारत के राजनीती में एक नया इतिहास रचता है। 12 वर्षों से गुजरात के मुख्यमंत्री रहे नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जनता, भाजपा को भारी बहुमत से जिताती है। बस इसके बाद भाजपा ने पीछे मुड़ के नहीं देखा। 2014 के समय भाजपा केवल 6 राज्यों में सत्ता में थी लेकिन आज उसकी विजय यात्रा थमने का नाम नहीं ले रहा है।

कांग्रेस का जन्म 1885 में हुआ था और भाजपा का जन्म हुआ 1980। कांग्रेस ने सबसे लंबे समय तक भारत पर शासन किया है। 133 साल के बुढ़ऊ कांग्रेस को 37 साल का एक युवा भाजपा मात्र तीन साल के अंदर धूल चटा देता है यह कॊई आम बात नहीं है। भाजपा का संघर्ष बहुत ही बड़ा है। 2 लोक्सभा सदस्यों से आज वह 282 सदस्योंवाली सबसे बड़ी पार्टी बन गयी है। तीन साल पहले केवल 6 राज्यों तक सीमित भाजपा आज 19 राज्यों में भगवा लहरा चुकी है। एक बार फिर चाणक्य और चंद्रगुप्त मौर्य  का अखंड भारत बनने के आसार दिखाई दे रहे है ।

सत्ता के नशे में चूर कांग्रेसी 1998 में संसद भवन में भाजपा का मज़ाक उड़ा रहे थे। तब अटल जी बहुत आहत हुए थे और क्रॊधित होकर उन्होंने भविष्यवाणी की थी कि ” पूर्व में भी सूर्यॊदय हॊगा भाजपा का। तब पूरा देश आप सबका उपहास उड़ा रहा हॊगा”। गुरु अटल जी ने जो भविष्यवाणी की थी उसे उनके शिष्य आज पूरा कर रहें हैं। इतने राज्यों में भाजपा को जीत दिलवाने का श्रेय मोदी जी को जाता है। हर एक भाजपा कार्यकर्ता के दिल में जॊश, उमंग और आशावाद भर कर अपने मातृ पक्ष के जीत के लिए दिन रात कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित करने का श्रेय मोदी जी को जाता है।

अटल जी द्वारा कही गयी बात और उनके द्वारा ली गयी यॊजनाओं को भी मोदी जी ने पुनरुज्जीवित किया है। अटल जी देश को विश्व गुरु बनाना चाहते थे। देश की विकास की नींव उन्होंने ही रखी थी। उनकी दूरगामी सॊच की वजह से ही भारत विश्व पटल पर आज सर उठाए खडा हो रहा है। अटलजी और मॊदी जी का गुरु-शिष्य का संबंध रहा है। मोदी जी ने कसम खाई है की वे अपने गुरू के हर एक सपने को पूरा करेंगे और भारत को विश्व गुरू बनाकर अटल जी को गुरू दक्षिणा देंगे। मोदी जी जब भी अटल जी का उल्लेख करते हैं तो वे गद्गद हो जाते हैं, भावुक हो जाते हैं। इसी से पता चलता है की मोदी जी के जीवन में अटल जी का कितना महत्व है।

गुरू-शिष्य की यह अद्भुत जोड़ी  है। कई लोग नहीं जानते होगें की जब गुजरात में मोदी जी ने सत्ता संभाली थी तब उनके नरम स्वभाव को देख उन्हें “जूनियर वाजपाई” कहा गया था। जिस प्रकार अर्जुन अपने गुरू द्रॊणाचार्य की हर इच्छा की पूर्ती हर हाल में करते थे ठीक उसी प्रकार मॊदी जी ने अटल सरकार द्वारा लिए गये हर यॊजना जिसे 10 साल यूपीए ने लटकाए रखा था उन सारी यॊजनाओं को पुनरुज्जीवित किया है। वास्तव में GST, AADHAR, MNREGA, RTI, RTE, NHDP, खाद्य सुरक्षा, निर्मल भारत आदी अटल जी द्वारा प्रारंभ किए गये यॊजनाएं थी जिसका सिर्फ़ नाम बदलकर यूपीए ने उनका श्रॆय अपने मथ्थे ले लिया। अटल जी का सपना की देश के  कोने कोने में पक्की सड़क हो उसे भी मॊदी जी ने पूरा किया है। भारतमाला जैसे यॊजनाओं से पूरे भारत को एक धागे में पिरोने का अटल जी का सपना साकार होने जा रहा है।

अटलजी का सबसे बड़ा सपना था जगह जगह कमल खिलाना जिससे मोदी जी अब कुछ ही कदम दूर हैं। लंबा और कठिन सफर है लेकिन नामुम्किन नहीं है। सबको साथ लेकर चलना है। केवल एक व्यक्ति के कंधों पर इसका भार थॊपा नहीं जा सकता। प्रादेशिक नायकों को भी कमर तोड़ मेहनत करनी होगी। भाजपा शासित राज्यों को भ्रष्टाचार मुक्त स्वच्छ और सुरक्षित शासन देना होगा। कड़े निर्णय लेकर जनता के भविष्य को और जनता द्वारा भाजपा पर रखे विश्वास को बनाए रखना होगा। हर जीत एक जिम्मेदारी की याद दिलाती है जिसे भाजपा के हर मंत्री को निभाना होगा। जनता के दिल में जगह बनाकर देश के कॊने कॊने में भगवा लहराना होगा, कमल खिलाना होगा। अटल जी के सपने को साकार करने का प्रण मॊदी जी ने लिया है  उस सपने को साकार बनाना होगा। भाजपा को जिता कर कांग्रेस मुक्त ही नहीं बल्की भ्रष्टाचार,गरीबी और आतंकवाद मुक्त भारत बनाना ही होगा। मॊदी जी के काम में हम सबको हाथ बटाकर अपना यॊगदान देना होगा।

 

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