अभिमतराजनीति

क्या सच में बेटे संजय गांधी ने माँ इंदिरा गांधी को रात्रिभॊज में सबके सामने 6 थप्पड़ मारे थे?

सुनने में बहुत अजीब लगता है कि क्या एक बॆटा अपनी माँ को सबके सामने 6 थप्पड मार सकता है, जब की वह औरत केवल उसकी माँ ही नहीं देश की प्रधानमंत्री भी हो? कल्पना से परे है। इस बात मॆं कितनी सच्चाई है कि संजय ने इंदिरा गांधी को थप्पड़ मारे थे यह तो हम नहीं जानते न ही इस बात की पुष्टि करते हैं। लेकिन स्त्रॊत तो इसी बात की ऒर संज्ञा करते हैं कि ऐसी एक घटना घटी थी।

सब जानते हैं संजय गांधी और इंदिरा गांधी के बीच में 36 का आंकड़ा था। संजय अपनी माँ को हमेशा अपनी बात मानने के लिए मजबूर करता था। बड़े बेटे राजीव के हॊते हुए भी माँ संजय को ज्यादा मान देती थी या फिर कहिए की संजय माँ को उसके भेद खॊलने की धमकी देकर उससे अपनी बात मनवाता था।

के.एन.राव अपनी किताब ” The Nehru Dynasty” (ISBN 10: 8186092005) में लिखते हैं कि इंदिरा का छॊटा बेटा संजय (जिसका नाम संजीव था) फिरॊज़ खान का नहीं बल्कि मोहम्मद यूनुस  का बेटा था। क्योंकि राजीव के पैदा होने के बाद इंदिरा और फिरोज़ अलग-अलग रहते थे। हालांकि उनका तलाक नहीं हुआ था फिर भी वे एक साथ नहीं रहते थे। इस दौरान इंदिरा और मोहम्मद के बीच गहरा रिश्ता पनप चुका था।

मेनका एक सिख लड़की थी जिसकी शादी संजय के साथ मोहम्मद युनस के घर में हुई थी। मोहम्मद युनस संजय की शादी सिख लड़की के साथ नहीं करवाना चाहते थे बल्कि वे चाहते थे की संजय की शादी एक मुसल्मान लड़की से हो। जब संजय की म्रुत्यू हुई थी तो सबसे ज्यादा मोहम्मद यूनस ही रॊये थे।

महम्मद यूनस ने अपने किताब ” Persons, Passions & Politics” (ISBN-10:0706910176) में इस बात का जिक्र किया है कि बालक संजय का इस्लामी तरीके से खतना किया गया था। जानकारॊ का कहना है की संजय अपने वास्तविक पिता के बारे में जानता था और हमेशा अपनी माँ को धमकी देता था की वह सच्चाई सब के सामने लायेगा। शायद इसी बात से माँ इंदिरा डरती थी और संजय को मनमानी करने देती थी।

इंदिरा गांधी अपने बॆटे संजय से बहुत डरती थी और उसकी सारी गलतियों को नज़र अंदाज करके उसे मनमानी करने देती थी। अब इसी बात से हम अंदाजा लगा सकते हैं की माँ बेटे में सब कुछ ठीक नहीं था और बहुत पहले से ही उन दोनों में अनबन चल रही थी। अब यह अनबन इतनी जोरदार थी कि बेटा अपने माँ को थप्पड़ मार दे यह तो हम नहीं जानते लेकिन अमेरिका के वरिष्‍ठ पत्रकार लुइस एम सिंमस की माने तो संजय गांधी ने एक रात्रि भॊज पार्टी के दौरान तत्‍कालीन प्रधानमंत्री और अपनी माँ इंदिरा गांधी को 6 थप्‍पड़ जड दिये थे।

प्रतिष्ठित पुलित्‍जर पुरस्‍कार से सम्‍मानित पत्रकार लुइस एम सिमंस देश में आपात्काल के समय Washington Post के दिल्‍ली के संवाददाता थे। अपनी एक खबर में उन्‍होंने दावा किया था कि एक रात्रि भोज में संजय गांधी ने इंदिरा गांधी को सबके सामने थप्‍पड़ मारे थे और वो भी एक नहीं बल्कि 6 थप्‍पड़ मारे थे !

माँ-बेटे के बीच ऐसा कया हुआ होगा कि संजय ने अपनी ही माँ को थप्पड जड़ दिये थे? लुइस के अनुसार, थप्‍पड़ मारने की घटना देश में आपातकाल लागू होने से पहले एक निजी रात्रि भोज में हुई थी। लुइस का दावा था कि उन्‍हें यह जानकारी गुप्त सूत्र से बातचीत के दौरान मिली थी। लुइस ने उस वक्‍त खबर को छापा नहीं था, उन्होंने बाद में बैंकॉक जाकर इस खबर को लिखा था।

उनका कहना है कि भारतीय सेना आपातकाल का विरॊध कर रही थी और इंदिरा गांधी अड़ी हुई थी। इस खबर के छपते ही लुईस को पांच घंटे के अंदर भारत छोड़ने का आदेश दिया गया था और उन्‍हें गिरफ्तार कर दिल्‍ली से बाहर जाने वाले पहले प्‍लेन में बिठाकर बैंकाक भेज दिया गया था। आपातकाल हटने के बाद मोरारजी देसाई सरकार ने उन्हें वापस बुलाया था।

इन को दिये गये इंटरव्यू में लुईस ने इस घटना का जिक्र किया है। लुईस ने बताया है कि जिस समय संजय ने इंदिरा को थप्पड़ मारा उस वक्त उनके दो सूत्र वहां मौजूद थे। लुईस ने कहा की सूत्रों ने उनके घर में उनकी बीवी के सामने इस घटना का जिक्र किया था, जहां पर संजय गांधी और इंदिरा गांधी के रिश्तों को लेकर बातचीत हो रही थी। लुईस ने इंटरव्यू में कहा मां-बेटे के रिश्तों को लेकर हो रही बातचीत के बीच में सूत्र ने रात्रि भॊज वाली घटना का जिक्र किया और दोनों ने इस घटना की पुष्टि की थी।

यह खबर देश के किसी भी अखबार में नहीं छपी थी क्यों कि इस घटना के तुरंत बाद ही देश में आपातकाल लगाया गया था और सारे पत्रकारों और माध्यम पर सेन्सरशिप थॊपा गया था। लुईस ने इस खबर को आपातकाल के बाद बैंकोक से लिखा था। संजय और इंदिरा गांधी में हमेशा से ही अनबन रहती थी इस बात को सभी जानते हैं। इंदिरा बेटे संजय की हर बात को मानती थी इस बात की वजह संजय का उसको धमकाना भी हो सकता है।

बहुत ही चकित कर देनेवाली एक और बात है की संजय के म्रुत्यु के तुरंत बाद माँ इंदिरा ने पूछा था ” उसकी चाबीयां और डायरी कहां हैं?” बेटा विमान दुर्घटना में मारा गया है और माँ को उसकी चाबीयां और डायरी की पड़ी थी?! माँ का व्यवहार संदेहस्पद लगता है। निस्संदेह उन चाबीयों और डायरी के पीछे कुछ गहरे राज़ छुपे हुए थे। संजय गांधी की म्रुत्यू भी बड़ी संदेहास्पद रीती से ही हुई थी। अमरीका के विकिलीक्स के अनुसार तीन बार संजय की हत्या की कॊशिश की गयी थी लेकिन वह नाकाम रही थी। हत्यारे कौन थे यह आज भी पता नहीं लगा है लेकिन संजय की म्रुत्यु स्वाभाविक नहीं थी इसका पता तो सबको है।

नेहरू-गांधी परिवार रहस्यों का दलदल है। उस दलदल में अनगिनत रहस्य है। जो भी उस दलदल में गया वह मुड़के कभी वापस नहीं आया, और वह बड़े रहस्यमयी तरीके से परलोक सिधार गया। इसीलिए उस परिवार से सभी लोग डरते हैं।

 

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