अभिमतराजनीति

अभिव्यक्ति के आज़ादी का मतलब हॊता है कि आप देश के प्रधानमंत्री को मौत का सौदागर, गन्दी नाली का कीड़ा, डरपॊक, मनॊरॊगी,नीच इत्यादी कहे?

जानिए देश और दुनिया के नेता के सॊच में कितना अंतर है

हमारे संविधान ने हमें अनेक तरह की आज़ादी दी है, उनमें से एक है अभिव्यक्ति की आज़ादी। आप जब चाहे, जो चाहे बोल सकते है। किसी भी व्यक्ति,वस्तु या घटना पर टिप्पणी कर सकते हैं। लेकिन इस आज़ादी के साथ साथ कुछ कर्तव्यों का पालन भी करना पड़ता  है। जैसे देशभक्ति , संविधान का आदर, राष्ट्रद्वज, राष्ट्रगान, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का सम्मान करना आदि ।

यह बातें संविधान में न भी लिखी हो तब भी मनुष्य होने के नाते और देश के ज़िम्मेदार नागरिक होने के नाते इन चीज़ों का पालन करना हमारा कर्तव्य है। हम किसी से कितना भी नफरत करले लेकिन उस व्यक्ति के लिए आपत्तीजनक शब्दों का इस्तेमाल करना हमारे संस्कार को ही दिखाता है। किसी से मत भेद है इसका अर्थ यह तो नहीं की हम उन्हें गंदी गालियां दें। और जब व्यक्ति देश का प्रधानमंत्री हो उनके लिए अभद्र भाषा का प्रयॊग करना क्या यह अपराध नहीं है?

भारत के प्रधानमंत्री मोदी जी से कई लोग नफरत करते हैं। उनकी नितियों पर टिप्पणी करते हैं। लोकतांत्रिक देश में टिप्पणी करना  नागरिक का अधिकार होता है लेकिन अपनी मर्यादा का उल्लंघन कर प्रधानमंत्री जी के प्रति अभद्र भाषा का प्रयॊग क्या यह क्षमार्ह है?

देश में कब किसने मोदीजी को क्या कहा:

मोदी मौत का सौदागर है, मोदी ज़हर की खेती कर रहा है- सॊनिया गांधी
मॊदी डरपॊक, मनॊरॊगी है- अरविंद केजरीवाल
मोदी ने भक्तों को छु******** बनाया, छु***** को भक्त बनाया-दिग्विजय सिंह
मॊदी का विकास पागल है- राहुल गांधी
मॊदी नीच राजनीती करता है- प्रियांका वाद्रा
मॊदी यमराज है- आल्वि
मॊदी गंदी नाली का कीड़ा है- बी के हरिप्रसाद
मॊदी मुझसे डरता है- सिद्दरामय्या
मॊदी मा******है- रोषन बेग
मॊदी नीच आदमी है, उसे रास्ते से हटाओ- मणिशंकर अय्यर
जो भी मॊदी का सर काट कर लाएगा उसे 25 लाख दिया जायेगा- टीएमसी नेता शाही इमाम का फ़त्वा
राष्ट्रवादी ताकतों को हटाओ- आर्च बिशप थॊमस मेकवान

इसके अलावा अलग अलग पार्टी के कई नेताओं ने मॊदी जी को रावण, राक्षस, गंगूतेली, औरंगजेब, बदत्तमीज़, नालायक इसके मां बाप कौन है? पत्नी को छोड़नेवाला, चायवाला, हिट्लर, हारा हुआ पति, दाऊद इब्राहिम, सर्दार पटेल के सामने मॊदी चूहा है, बंदर, रेबीस का मारा, लहु पुरुष, साँप, बिच्छू, गंदा इन्सान, घान्ची, वायरस, मेंडक, नपुंसक, अनपड़  पता नहीं और कया क्या कहा? सिनेमा जगत के लोग जैसे प्रकाश राज और मेर्सल विजय ने भी मोदी जी की आलॊचना खुले आम किया है।

यह अभिव्यक्ति की आजादी है? देश के प्रधानमंत्री जिसके ऊपर आज तक एक भी भ्रष्टाचार का मामला नहीं है, जो सोते जागते देश के बारें में सॊचतें है, जो देश को विकास के पथ पर ले जा रहें है, जो भारत को विश्व गुरू बनाने का सपना देखते हैं उनके प्रति इतना द्वेष? सारा विश्व आज मोदी जी की सराहना कर रहा है। दुनिया के बड़े देश के राष्ट्रपती और प्रधानमंत्री मोदी जी से दोस्ती करना चाहते है। लेकिन उनके अपने ही देश के लोग मोदी जी के प्रति घटिया सॊच रखते है।

अब देखिये विश्व नायक मॊदीजी के बारे में क्या कहते है:

प्रधानमंत्री मोदी एक विशाल देश के समस्त जनता को एक साथ लाने का प्रयत्न कर रहे है- डॊनाल्ड ट्रम्प
मैं मॊदी जी को पसंद करता हूँ, मुझे लगता है मॊदी जी के पास भारत को विकास के पथ पर ले जाने की दूर दृष्टि है- बराक ऒबामा
प्रधानमंत्री मोदी एक सम्मानित राष्ट्रीय राजनेता है-व्लादिमिर पुतिन
आपका स्वागत है मेरे दोस्त-बेंजमिन नेतन्याहू
मोदी जी दूर दृष्टिवाले नेता है, जय जापान-जय इंडिया-शिन्ज़ो आबे
मॊदी जी ने स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत करके बहुत ही उम्दा काम किया- बिल्ल गेट्स
मै मीदी जी के काम करने के तरीके को बहुत ज़्यादा पसंद करता हूं-दलाई लामा
मोदी जी के प्रयासों ने भारत के विकास दर में तेज़ी लाई है- किम योन यून्ग
मोदी जी फेसबुक के माध्यम से जनता से संवहन करते हैं बहुत सराहनीय है- मार्क ज़ुकरबर्ग
प्रधानमंत्री मोदी इस सदी के महा नायक है- सिस्कॊ मुख्य कार्यदर्शी जॊन चेम्बर्स
मॊदी जी ने देश में परिवर्तनकारी बदलाव किए हैं- इवान्का ट्रम्प

दुनिया के नज़रों मे एक गरीब अनपड़ देश की छवि को केवल तीन साल में  सुधारकर भारत के परछम को विश्व के चारों ओर लहराने  वाला नायक है|   विश्व के बड़े-बड़े नेता उनकी प्रशंसा कर रहे है। ऐसे महान नायक को हमारे ही नेता घटिया राजनीती के चलते गंदी नाली का कीड़ा और नीच कहते हैं। जनम से कॊई उँच या नीच नहीं होता। नीच तो हमारी सॊच होती है जिसे हम अपनी भाषा में प्रयॊग कर दुनिया को दिखाते हैं की वास्तव में नीच और गन्दी नाली का कीड़ा कौन है…

 

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