राजनीति

जम्मू कश्मीर की विकास यात्रा में आतंकवादियों के लिए संतावना जरूरी नही महबूबा मुफ़्ती जी|

जम्मू कश्मीर में महबूबा मुफ़्ती जी की पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के एक विधायक एजाज अहमद मीर ने विवादित ब्यान जारी करते हुए कहा की “कश्मीरी आंतकवादी उनके बच्चे है और वे आंतकवादी नही शहीद है,वे हमारे भाई है”।

मीर ने ये भी कहा कि राज्य में सक्रिय कई आतंकवादी नाबालिग हैं और वै उनके द्वारा की जा रही कार्रवाई के परिणामों से अवगत नहीं है और हमें आतंकवादियों जो कश्मीर से हैं उनकी हत्या का जश्न नही मनाना चाहिए, यह हमारी सामूहिक विफलता है।

एजाज अहमद मीर कश्मीर में वची चुनाव शेत्र से है जहां पर सबसे ज्यादा आंतकवादी पाए जाते है| एजाज अहमद मीर ऐसा कह कर उन आंतकवादियों से तो सहानुभूति दिखा रहे है पर उनकी सहानुभूति तब कहां थी जब कश्मीर में छोटे बच्चों और स्कूलों को आंतकवादियों द्वारा टारगेट किया गया था|

उनके इस ब्यान की चारो तरफ कड़ी निंदा हो रही है|केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने उनसे सवाल किया है कि “आतंकवादी और अलगाववादी कश्मीर, कश्मीरी विकास और शांति के दुश्मन हैं। वे किसी के भाई कैसे हो सकते हैं?”

ये कोई पहली बार नही है जब मुफ़्ती सरकार की और ऐसे ब्यान सामने आ रहे है|इससे पहले भी पीडीपी के प्रवक्ता रफ़ी मीद ऐसा विवादित ब्यान दे चुके है|और यहाँ तक की पीडीपी-बीजेपी सरकार बनते ही पीडीपी के 11 विधयाकों ने “अफज़ल गुरु” के अवशेष को सौंपने की मांग सरकार से की थी|

अक्टूबर में मुफ़्ती जी ने भी ब्यान दिया था की अगर वै 22 वर्षीय हिजब-उल-मुजाहिदीन कमांडर बुहरन वानी को बचा सकती तो बचाती उन्हें एक दूसरा मौका देती जिनकी मौत ने वाष्पशील क्षेत्र में अलगाववादी आंदोलन को जागृत किया उन्होंने ये भी कहा की “ये बच्चे, जो चले गए हैं, मैं आपसे वादा करती हूं कि मैं उनके बलिदान को बरबाद नहीं होने दूंगी”।

इस बात को लेकर महबूबा जी की कड़ी आलोचना हुई थी क्यूंकि जिन बच्चों की वै बात कर रही थी वै वो बच्चे थे जो कितने सालों से सुरक्षा बलों पर पत्थरबाज़ी कर के उन के जीवन को खतरे में डाल रहे थे|

मुफ़्ती जी एक बार ये भी आग्रह कर चुकी है की आंतकवादियों के परिवार को हानि न पहुंचाई जाये और उन्हें ऐसी एक शिकायत नहीं मिलनी चाहिए कि आंतकी हमें नष्ट कर रहे है इसलिए हम भी उन्हें नष्ट करेंगे |

मुफ़्ती सरकार द्वारा दिए जा रहे इन विवादित बयानों की वजह से हमेशा मुफ़्ती सरकार सवालों के कटघरे में खड़ी हो जाती है और ये माना जाता है कि पीडीपी अलगाववादियों के प्रति बहुत नरम है और वै पाकिस्तान की भाषा बोलते है|

जम्मू कश्मीर में बीजेपी-पीडीपी की गठबंधन वाली सरकार बनते ही राज्य के विकास के लिए केंद्र ने राज्य को 80,000 करोड़ के पैकेज की घोषणा की थी जिसे जम्मू कश्मीर को आधुनिक, समृद्ध और प्रगतिशील राज्य में परिवर्तित करने का उदेश्य था|

जम्मू में, चंदरकोट में बागलिहार पावर प्रोजेक्ट के चरण -2 का उद्घाटन किया गया और जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के ऊधमपुर-रामबन (40 किमी) और रामबन-बनिहाल (32 किमी) के चार खंडों की आधारशिला भी केंद्र सरकार द्वारा  रखी गयी ।

जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर देश की सबसे लंबी रोड टनल चेनानी-नाशरी सुरंग भी जम्मू कश्मीर को भेट की गयी|हाल ही में महत्वपूर्ण जोजिला सुरंग परियोजना को केंद्र की तरफ से मंजूरी दी गयी है| इसका उद्देश्य कश्मीर घाटी तथा लद्दाख के बीच हर मौसम में संपर्क सुविधा उपलब्ध कराना है, जो सर्दियों में भारी हिमपात के कारण भारत के शेष हिस्सों से कटा रहता है|

 

 

निचे दिए गये चित्र से आप अंदाजा लगा सकते है की किस तरह बीजेपी सरकार के अंतर्गत जम्मू कश्मीर का विकास हो रहा है|

बीजेपी सरकार आने के बाद लंबे समय में पहली बार, आतंकवादियों के खिलाफ सुरक्षा बलों का हाथ ताकतवर हुआ है और वे बड़े पैमाने पर दृढ़ संकल्प, अनुशासन और संयम के साथ पत्थरबाजों और आतंकवाद से लोहा ले रहे है जो की प्रशंसा योग्य है|घाटी में पत्थरबाज भी अब दिखाई नही देते और हुर्रियत नेताओं का काला चिठा भी सामने आ चुका है। भाजपा की अगुवाई वाली एनडीए सरकार सत्ता में आने के बाद राष्ट्र की ताकत और गर्व बड़ गया है।

महबूबा जी को समझना होगा की कश्मीर में समस्या का अंत तब तक नहीं होगा, जब तक घुसपैठ और अलगाववादियों के वित्त पोषण को प्रभावी ढंग से खत्म न किया जाये और मुफ़्ती जी को चाहिए की आवाम के लिए वो बीजेपी का साथ दे तांकि राज्य का विकास हो सके न की गलत लोगों का|

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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