संस्कृति

इतिहास ने क्या आपको यह बताया की शाहजहान हवस के चलते अपनी ही बॆटी के साथ अय्याशी करता था।

मुघलों के इतिहास के घिनौने सच जिसे पाठशाला में सिखाना भूल गये।

जिस ताज महल को देख कर सारा विश्व वाह वाही करता है वह कभी हिन्दु मंदिर था। लगभग सारे मक्बरे, मज़ारें, मीनारें और दरगाह हिन्दु मंदिरॊं को तोड़ कर ही बनाया गया है। ताज महल को विश्व के आठ अजूबों से एक माना जाता है। और उससे से भी बड़ा अजूबा है शाह जहान और उसकी ही पुत्री के बीच की प्रेम कथा। यह मुघल कितने गिरे हुए इन्सान थे फिर भी इनका गुणगान हमारे पाठशालाओं के किताब में किया जाता है।

शाह जहान का मानना था की माली को अपने द्वारा लगाये पेड़ का फल खाने का हक़ है। वासना से ग्रस्त शाह जहान अपनी ही बॆटी के साथ अय्याशी करता था। असह्य और अकल्पनीय। एक पिता अपनी ही बेटी के साथ संबंध रखता है! शाह जहान को लगता था की उसकी बेटी जहाँआरा उसकी बीवी मुमताज़ से भी अधिक संदर थी। सभी सुंदर नारी मुघलों के भॊग के लिए ही पैदा हुई थी, ऐसा उनका मानना था, फिर चाहे वो अपनी ही बेटी क्यॊं ना हो। कामांध मुघल अपनी ही बहु- बेटीयों पर बलात्कार करते थे।

जिस मरी हुई बीवी के लिए शाह जहान ने ताज महल बनवाया उसी बीवी से मिले फल को वह चख रहा था। अगर सच माईने में देखा जाये तो शाह जहान भी एक अवैध संतान ही था। उसका पिता भी अकबर ही था। इतिहास का अज़ीमॊ शान शेहनशा एक बलात्कारी था और वह अपनी  हवस के चलते अपने बेटे जहांगीर की पत्नी मान बाई का इस्तेमाल करता था। जहंगीर को जब इस बात का पता चला तो वह बाप के खिलाफ खड़ा होगया। बाप -बेटे की हवस से तंग आकर मान बाई नॆ आत्माहया कर ली थी। मुघल हरम में इतनी औरतें होती थी जो की मुघलों की लैंगिक गुलाम होती थी की यह अंदाज़ा लगाना भी मुशिकल था की किस बच्चे का बाप या माँ कौन है।

जहांगीर जिसे शाह जहान का बाप कहा जाता है वह अपने बॆटॆ से नफरत करता था। लेकिन अकबर को शाह जहान से बहुत प्यार था। जहाँगीर अपने बाप अकबर से भी बेहद नफरत करता था। मुघल हरम में कौटुम्बिक व्यभिचार इतना ज्यादा था की कौन किसका बाप है यह कहना कठिन था। अंत तक जहांगीर खुद नहीं जान पाया की शाह जहान उसका बॆटा था या फिर भाई। जहांगीर के अंतिम दिनों में शाह जहान पिता के विरुद्द जाकर तख्त पर बैठ गया और अपने बाप-दादाओं से विरासत में मिला कौटुम्बिक व्यभिचार का पालन बिना किसी लाज लज्जा के करता रहा।

शाह जहान ने ताज महल मुमताज़ महल के लिए बनवाया ही नहीं था। क्यों की उसे मुमताज़ से कभी प्यार था ही नहीं मुमताज़ तो शाह जहान की चौथी पत्नी थी जो हवस के पुजारी के 14 वें बच्चे को जनम देते हुए मरगई थी। शाह जहान और मुमताज़ की बड़ी बॆटी जहाँ आरा थी। इतिहासकारों की माने तो जहाँआरा को शाहजहाँ इतना प्यार करता था कि अपनी यौन इच्छाओं की पूर्ति के लिए उसने बेटी का निकाह तक होने नहीं दिया। बाप-बेटी के इस नाजायज़ प्यार को देखकर जब महल में चर्चा शुरू हुई, तो मुल्ला-मौलवियों की एक बैठक बुलाई गयी और उन्होंने इस पाप को जायज ठहराने के लिए एक हदीस का उद्धरण दिया और कहा कि “माली को अपने द्वारा लगाये पेड़ का फल खाने का हक़ है।”

शाहजहाँ अपनी बेटी के प्यार में इतना पागल था की वो जहाँआरा के किसी भी आशिक को उसके पास भटकने भी नहीं देता था। वास्तव में वासनाग्रस्त अकबर ने यह नियम बना दिया था, की मुगलिया खानदान की बेटियों की शादी नहीं होगी। इतिहासकार इसके लिए कई कारण बताते हैं। इसका परिणाम यह होता था कि मुग़ल खानदान की लड़कीयां अपनी जिस्मानी भूख मिटाने के लिए अवैध तरीके से दरबारी, नौकर के साथ, रिश्तेदार यहाँ तक की सगे सम्बन्धियों के साथ शारीरिक संबंध बनाती थी।

जहाँआरा अपने लम्पट बाप के लिए लड़कीयां भी फंसाकर लाती थी। जहाँआरा की मदद से शाहजहाँ ने मुमताज के भाई शाइस्ता खान की बीवी से कई बार बलात्कार किया था। शाहजहाँ के राजज्योतिष की 13 वर्षीय ब्राह्मण लड़की को जहाँआरा ने अपने महल में बुलाकर धोखे से नशीला पदार्थ खिला कर अपने बाप के हवाले कर दिया था जिससे शाहजहाँ ने 58 वें वर्ष में उस 13 बर्ष की ब्राह्मण कन्या से निकाह किया था। बाद में इसी ब्राहम्ण कन्या ने शाहजहाँ के कैद होने के बाद औरंगजेब से बचने और एक बार फिर से हवस की सामग्री बनने से खुद को बचाने के लिए अपने ही हाथों अपने चेहरे पर तेजाब डाल लिया था।

इतिहास जिन लॊगों के प्यार की मिसाल देता है वह सारे वेहशी कामंध दरिंदे हैं। अपने हवस के चलते उन्हॊंने बहू तो क्या अपनी बॆटियों तक को नहीं बक्शा । बाबर से लेकर बहादुर शाह ज़फर तक सब के सब जिहादी मतांध और कामंध थे जिन्हॊंने हिन्दुओं का नरसंहार किया, हिन्दू महिलाओं को अपना लैंगिक गुलाम बनाया उनकी इज्जत लूटी, देश के मंदिरों को तोड़ा। ऐसे बलात्कारी हठधर्मी हिन्दु हत्यारों को आज महा नायक बताया जाता है और बच्चों को पढ़ाया जाता है। अब समय आ गया है की लोग सच का सामना करे और मुघलॊं की असलीयत का परिचय अपने आने वाली पीढ़ी से करवाए। मक्कार जिहादियों को महान बता कर अपने ही महानायकों का अपमान कर ने का सिलसिला बंद हॊ जाए।


Source: http://agniveer.com/shah-jahan-bastard-slept-daughter/


Shaanyora

Tags

Related Articles