सैन्य सुरक्षा

आतंकवादियॊं को मच्छर की तरह मसल ने के लिए भारतीय सेना का मास्टर प्लान: ‘ऑपरेशन आल आउट’

जब से मोदी सरकार ने सत्ता संभाली है तब से ही आतंकियों की नींद उडगयी है। मोदी-धॊवल जॊडी तो जय-वीरू की ही जॊडी की तरह आतंकवादियों के नाक में दम कर रखा है। धोवल जी की कूटनीती और मोदी जी की सेना को दी हुई खुली छूट से सेना भी सारे घुसपैठियों को जन्नत पहुँचा रही है। अब आतंकवादियों के खिलाफ की लडाई को एक कदम आगे बढ़ाकर सेना ने नया मास्टर प्लान बनया है जिसका नाम है “ऑपरेशन आल आउट”।

इस ऑपरेशन का एक ही मक्सद है सीमा पार से होनेवाली घुसपैठ को पूरी तरह रॊकना और सारे आतंकवदियों को मौत के घाट उतारना। पिछले दस महीनों में 190 आतंकी मारे गये हैं और कश्मीर में तो सबसे ज्यादा आतंकवादी मारे गये हैं। जो पिछले दस साल की रिकार्ड को तॊडता है। 66 आतंकी तो एलोसी में घुसपैठ करते हुए मारे गये हैं। 190 आतंकी जो सेना द्वारा जन्नत पहुँचाए गए हैं उनमे से 80 स्थानीय दहशतगर्द थे और 110 विदेशी थे। जिनमें से ज्यादातर पाकिस्तानी थे।

स्त्रॊत के मुताबिक पाँच हज़ार आतंकी पाक आक्रमित कश्मीर में रुके हुए हैं। जुलाई 2016 में हिजबुल मुजाहिद्दीन के कमांडर बुरहान वानी को सेना ने मार गिराया था। जनवरी 2017 में सेना ने आतंकियों के खिलाफ और आक्रामक होने का फैसला लिया और फिर सेना ने सबजार भट, बशीर लश्करी, अबु दुजाना और ऐसे कई आतंकियों को मौत के घाट उतारा। लश्कर कमांडर अबु दुजाना 115वां और उसका साथी आरिफ लीहारी 116वां आतंकी था जिसे इस वर्ष कश्मीर में मारा गया है। जाबाँ सेना के वजह से अब हिजुबुल कामांडर की पद हमेशा ही खाली है। क्योंकी जो भी कमांडर बना समझॊ वह जन्नत गया।

ऑपरेशन आल आऊट के तहत इंटेलीजेंस एजेंसियों ने एक सीक्रेट सर्वे घाटी के अलग-अलग जिलों में किया। इस सर्वे के तहत आतंकियों की छिपने वाली जगहों का पता लगाया गया। सेना का यह पूरा ऑपरेशन एक खास योजना और इंटेलीजेंस पर आधारित था। इंटेलीजेंस ब्यूरों की मानें तो घाटी में करीब 130 स्थानीय और करीब 128 विदेशी आतंकी मौजूद हैं। ये आतंकी लश्कर, जैश, हिजबुल और अल बद्र जैसे आतंकी संगठनों के हैं। ये ऑपरेशन ऑल आउट का ही नतीजा है कि सेना को लगातार धोखा देते आ रहे लश्कर कमांडर अबु दुजाना को मारने में सेना को सफलता मिल सकी है।

भारतीय सेना ने आतंकियों की एक हिटलिस्ट जारी की थी। इस हिट लिस्ट में 12 आतंकी थे जिसमें अल्ताफ डार, जाकिर मूसा, अबु हमास, रियाज नाइकू, शौकत टाक और वसीम अहमद जैसे नाम शामिल हैं। दुजाना और लश्करी के बाद अब इस समय हिजबुल कमांडर रियाज नाइकू और हाल ही में अल कायदा का कश्मीर कमांडर जाकिर मूसा घाटी के सबसे सक्रिय आतंकी हैं। मूसा पहले हिजबुल का ही हिस्सा था और उसने मई में वीडियो जारी करके अलगाववादी नेताओं की हत्या को लेकर बयान दिया था। इस बयान के बाद वह हिजबुल से अलग हो गया था। माना जा रहा है कि सेना अब जाकिर मूसा को निशाना बना सकती है।

भारतीय सेना ने ठान लिया है की वह सारे आतंकवादियों उनके जन्नत के हूरॊं के पास पहुँचा के ही दम लेगा। भारातीय सेना को और बल मिले यही देशवासियों की प्रार्थना है।


Shaanyora

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