अर्थव्यवस्थाराजनीति

उत्तम प्रदेश बनने जा रहा है योगी जी का उत्तर प्रदेश, नई औद्योगिक नीति से विकास की ओर यूपी अग्रसर…

उत्तर प्रदेश की नई औद्योगिक नीति, 24 घंटे बिजली देने, बिजली सब्सिडी, औद्योगिक पार्क, राजकोषीय इंसेंटिव और फ़िल्म सिटीज बनाने के वादों के साथ साथ अन्य विकास के लक्ष्य साधे हुए है। इस औद्योगिक नीति से योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार अपने चुनाव पूर्व किये गए वादों के अनुसार विकास के एजेंडे की शुरुआत कर रही है। पहली बार किसी राज्य की औद्योगिक नीति 5 साल के बजाय 3 साल के लिए बनाई गई है क्यों कि प्रदेश की भाजपा सरकार पर जनता की ढेर सारी उम्मीदे है और प्रदेश की जनता ने इसिलिए ही अभूतपूर्व जनादेश देकर भाजपा की सत्ता में वापसी कराई है जिसको मुख्यमंत्री योगी जी भलीभांति समझते है। सरकार की कैबिनेट ने इस विस्तृत नीति को सहमति प्रदान की है जो कि 3 साल के अंदर किये गए निवेश के लिए मान्य होगा।

उद्यमियों को राज्य में अपने उद्योग लगाने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु इस नीति में एक रोडमैप तैयार किया गया है जिसके अंतर्गत लैंड बैंक बनाना, विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) को आकर्षित करने हेतु “देश-विशेष औद्योगिक पार्क बनाना”, और लखनऊ-कानपुर, कानपुर-ऐलाहाबाद, वाराणसी-ऐलाहाबाद जोन में प्राइवेट औद्योगिक पार्क बनाने में मदद करना शामिल है। जिन सेक्टर्स पे ध्यान केंद्रित किया गया है उनमें सूचना प्रौद्योगिकी (IT), सूचना प्रौद्योगिकी आधारित सेवाएं (ITeS), इलेक्ट्रॉनिक सामानों के निर्माण, कृषि और फ़ूड प्रोसेसिंग, दुग्ध व्यवसाय (Dairy), हरित ऊर्जा (Green Energy), हैंडलूम, टेक्सटाइल और पर्यटन शामिल है। सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगी और ऐतिहासिक स्थलों को संरक्षित करेगी।

इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट एंड एम्प्लॉयमेंट प्रमोशन पालिसी 2017

निवेश आकर्षित करने के लिए “इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट एंड एम्प्लॉयमेंट प्रमोशन पालिसी 2017, उ.प्र.” के द्वारा राजकोषीय इंसेंटिव, सब्सिडी और रियायतों में स्टाम्प ड्यूटी में छूट, कैपिटल और इंफ्रास्ट्रक्चर ब्याज में सब्सिडी, एम्प्लोयी प्रोविडेंट फण्ड अदायगी और बिजली ड्यूटी में छूट की, कुछ नियमों और शर्तों के तहत घोषणा की गई है। राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश को एक आकर्षक निवेश स्थल प्रदर्शित करने हेतु एक “ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट” भी आयोजित कराने की भी योजना दर्शाई है। ये औद्योगिक नीति बुंदेलखंड, मध्यांचल, पश्चिमांचल और पूर्वांचल में लिंकेज को बढ़ाने, राजकोषीय इंसेंटिव और क्षेत्रीय लाभ के द्वारा उत्तर प्रदेश में संतुलित क्षेत्रीय विकास की जरूरत को बल देती है। इस औद्योगिक नीति में शामिल विभिन्न रियायतों और छूट की विस्तृत जानकारी को हम दिए गये चित्र में देख कर समझ सकते हैं।

ट्रांसपोर्टेशन और आवागमन

शहरों के मध्य कनेक्टिविटी इस पालिसी का एक महत्त्वपूर्ण भाग है जिसपर ध्यान केंद्रित किया गया है और ये नए मेट्रो रेल सेवाओं को बनाने, नए एयरपोर्ट और लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे तथा प्रस्तावित पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की तरह ही मथुरा, काशी, झांसी और गोरखपुर को जोड़ने वाली नए रोड कॉरिडोर बनाने के सरकार के दृष्टिकोण को दर्शाती भी है, इस तरह से लगभग पूरे उत्तर प्रदेश को जोड़ने का लक्ष्य है। उत्तर प्रदेश सरकार की दीर्घकालिक रणनीति रेल, सड़क, जल और वायु मार्ग को जोड़कर ट्रांसपोर्टेशन और आवागमन का ऐसा तंत्र विकसित करना है जो राज्य के उद्योगों और निर्माण इकाइयों को बिना किसी बाधा के अपने सामान और सेवाओ को पूरे राज्य में एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजने तथा राज्य से बाहर पूरे भारत मे और भारत के बाहर विदेशों में भी भेजने में सहायक हो।

नई मेट्रो रेल सेवाओ के कानपुर, मेरठ, आगरा, वाराणसी, अलाहाबाद, झांसी, गोरखपुर और ग़ाज़ियाबाद में विकसित करने के अलावा बुंदेलखंड, मध्यांचल और पूर्वांचल को विकसित करने के प्रयास किये जा रहे है। उत्तर प्रदेश सरकार प्राइवेट सेक्टर के सहयोग से नए एअरपोर्ट भी बनाने में इच्छुक है। केंद्र सरकार ने भी ग्रेटर नोएडा के जेवर में एक नए एयरपोर्ट को विकसित करने की भी मंजूरी दी है। और प्रधानमंत्री मोदी के लोकसभा क्षेत्र वाराणसी एयरपोर्ट को भी बढ़ाकर और बड़ा बनाने की योजना हैं।

पालिसी में बताया गया है कि “लॉजिस्टिक और आवागमन के बुनियादी ढांचे का भी बहुत बड़ा योगदान होता है जो प्रोडक्ट और सेवाओं के सुगम रूप से उपभोक्ताओं के पास पहुंचने में सहायक होता है और जब ये सामान और सेवाएँ उपभोक्ताओं की ज़रूरत के हिसाब से उन तक पहुंचती हैं तो अर्थव्यवस्था में उद्योगों, व्यापार और वाणिज्य में वृद्धि होती हैं।” उत्तर प्रदेश के औद्योगिक नीति के अनुसार सरकार प्रदेश की अर्थव्यवस्था के अनुसार मुख्य रणनीतिक जगहों पर मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक हब विकसित करेगी।

  • GST लागू होने के पश्चात केंद्र सरकार ने 50000 करोड़ रुपये से देश मे 35 मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक पार्क और 50 इकनोमिक कॉरिडोर विकसित करने की योजना बनाई है।
  • GST लागू होने से लॉजिस्टिक इंडस्ट्री में आमूल चूल परिवर्तन आने की संभावना है, और इसके तेज़ी से विकसित होने की उम्मीद है। अभी आज ही केंद्र सरकार ने लॉजिस्टिक उद्योग को इंफ्रास्ट्रक्चर का दर्जा दिया है जिससे इसमें कम दरों पर लोन, सब्सिडी मिलने की भी सुविधाएं मिलने लगेगी।

स्टेट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड

उत्तर प्रदेश सरकार की “स्टेट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड” बनाने, मैनपावर विकसित करने, और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने की भी योजना है जिससे प्रदेश के विकास को गति मिल सके। इसी क्रम में राजीव कुमार को उत्तर प्रदेश का मुख्य सचिव भी बनाया गया है।

नई पालिसी लाल फीताशाही के बजाय उद्योगों के लिए रेड कारपेट की तरह है जो कि “व्यापार करने की सुगमता” से प्रेरित है। इसमें उद्योगों के लिए “सिंगल विंडो सिस्टम” की सुविधा दी गयी है जिसमे मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रोजेक्ट संबंधित कार्यों में पूर्व-निर्धारित समय (Time Bound Clearance) के अनुसार कार्यो को निपटाया जाएगा। केंद्र सरकार के “मेक इन इंडिया” योजना का अधिकतम लाभ लेने हेतु एक नए “मेक इन यूपी” विभाग की भी स्थापना होगी। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक “इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन बोर्ड” भी बनाया जाएगा और इसके बाद एक्साइज नीति और फार्मा मार्किट पालिसी भी जल्दी आएगी। अगले साल अक्टूबर-नवंबर में एक “मेगा इन्वेस्टमेंट समिट” का भी आयोजन किया जाएगा जिसमे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को आमंत्रित किया जाएगा।

किसानों और कृषि सम्बंधित निर्णय

मंत्री श्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया कि कैबिनेट ने किसानों और कृषि से सम्बंधित एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है जिसमे बड़े स्तर पर “ड्रिप इर्रिगेशन” के तरीके को इस्तेमाल करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा। कैबिनेट ने ये निर्णय लिया है कि अगर किसान “ड्रिप इर्रिगेशन” तरीके से सिंचाई-खेती करते हैं तो प्रोत्साहन के तौर पे छोटे और मार्जिनल किसानों को अभी मिलने वाली 55% की छूट को बढ़ाकर 90%, तथा बाकी अन्य किसानों को अभी मिलने वाली 45% की छूट को बढ़ाकर 80% कर दिया जाएगा।
नई फिल्म सिटीज और फ़िल्म निर्माण

प्रदेश सरकार की इस नीति में प्रदेश को फ़िल्म निर्माण के लिए भी एक महत्वपूर्ण स्थान बनाने की योजना है। इस क्रम में नई फिल्म सिटीज विकसित करने, मल्टीप्लेक्स को बढ़ावा देने, और घाटे में चल रही या बंद पड़े सिनेमा घरों को भी पुनर्जीवित कर चलाने की योजना है। इसके साथ ही साथ राज्य में एक फ़िल्म व टेलीविज़न इंस्टीटूट भी बनाने की भी योजना है। इसके अलावा प्रोत्साहन हेतु व्यापार कर में छूट, मनोरंजन कर में रियायत और कलाकारों को दिए जाने वाले वेतन में सब्सिडी देने की भी योजना है।

सुरक्षा और कानून व्यवस्था

सुरक्षा और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु एक डेडिकेटेड पुलिस बल का गठन किया जाएगा जिसमे विशेष रूप से ट्रेनिंग प्राप्त आफिसर उनकी कमान संभालेंगे। इन पुलिस बल को प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रो जैसे नोएडा, कानपुर, बुंदेलखंड, गोरखपुर और पूर्वांचल में तैनात किया जाएगा। इन क्षेत्रों में इंटीग्रेटेड पुलिस और अग्नि-शमन केंद्र भी बनाये जाएंगे। उत्तर प्रदेश में निवेशकों का आकर्षण अब धीरे धीरे बढ़ना शुरू हुआ है। पहले राज्य को कानून व्यवस्था की बुरी स्थिति की वजह से एक पिछड़ा और फिसड्डी राज्य माना जाता था। अभी हाल ही में मुख्यमंत्री बने योगी आदित्यनाथ जी ने कानून व्यवस्था को सुधारने का जो वादा चुनाव पूर्व किया था उसके लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए थे। और उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार पिछले 6 महीनों में देखने को मिला है। इसकी वजह से ही एशियाई विकास बैंक (Asian Development Bank) ने जुलाई में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में 5 बिलियन डॉलर निवेश करने की घोषणा की थी। बैंक के प्रेजिडेंट श्री ताकेहिको नकाओ (Takehiko Nakao) ने लखनऊ में मुख्यमंत्री आदित्यनाथ जी से इस बाबत मुलाकात भी की थी।

 

Tags

Related Articles