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मोदीजी ने राफ़ेल डील सौदे में 12,600 करॊड रूपए बचाएं हैं… काँग्रेसियों यह तुम्हारी मॆडमजी की ‘लूट-मार’ सरकार नहीं, यह मॊदीजी की ‘विकासवाद’ सरकार है।

पिछ्ले दिन काँग्रेस के शेहज़ादे राफ़ेल डील को लेकर देश की रक्षा मंत्री पर बरस रहें थे और उनसे प्रश्न पूछ रहे थे की क्या उनके बॉस मोदीजी ने उन्हे चुप कराया है? लडाकू विमान राफ़ेल की डील को लेकर काँग्रेस मोदीजी और निर्मला सीतारामन पर उँगुली उठा रहे थे। घोटाले बाज बेशरम परिवार के शेहज़ादे की हिम्मत की दात देनी पडॆगी की खुद करॊडॊं का घपला करके अब मॊदीजी से डील के बारे में सवाल पूछ रहें हैं।

लाज शरम तो काँग्रेसियों में थी ही नहीं अब बुद्धी भी भ्रष्ठ हॊ गई है। यह इनकी लूटमार सरकार नहीं हैं और ना की मॆडम जी की रॊबॊट सरकार की किसी को चुप कराया जाए। इतने सारे घॊटाले किए हैं कभी इन्होने मनमॊहन सिंग जी को बोलने दिया है? क्यॊं सिंग साब को चुप कराया है? देश जानना चाहता है आखिर इन्होंने कितना लूटा है? राहुलजी बताने का कष्ठ करेंगे?

जो राफ़ेल जेट यूपीए के सरकार में खरीदी जानी थी वह तो खरीद नहीं पाए। जलन तो इस बात की है की उसमें इनकॊ लूटने का मौका नहीं मिला। यूपीए सरकार के डील के मुताबिक 18 जेट 100 मिलियन प्रति जेट के हिसाब से खरीद ने वाली थी। ज़रा अनुमान लगाइए कितने बडे घॊटाले की प्लान बनाई थी जो चौपट होगई। मोदी सरकार ने इस लटकी हुई डील की बातचीत को नए सिरे से शुरू किया।

यूपिए की डील थी 100 मिलियन प्रति जेट और मॊदीजी की डील है 90 मिलियन प्रति जेट। काँग्रेस ने आरॊप लगाया था की डील में मोदी सरकार ने फ्रांस की कंपनी डसाल्ट एवियेशन के साथ राफेल लडाकू विमानों को खरीदने को लेकर जो समझौता किया है उसमें ज्‍यादा पैसा दिए गए हैं और उसने अंबानी की रिलायन्स डिफ़ेन्स लिमिटेड कंपनी पर भी आरॊप लगाए थे की रिलायन्स को यह डील कैसे मिला। राहुल ने तो रक्षा मंत्री तक को इस मामले में घसीटा था।

लेकिन अब काँग्रेस के मुहुँ पर ज़ॊरदार तमाचा पडा है। अब 36 राफ़ेल विमान उडती हुई हालत में भारत को मिलनेवाला है। मोदीजी ने 12,600 करॊड रूपए बचाए हैं। यूपीए के डील के मुताबिक 126 राफ़ेल में से पहले 18 राफ़ेल उडती हुई हालत में भारत को मिलेगी। लेकिन मोदी सरकार ने इस डील को बदला और 36 राफ़ेल को खरीदने का सौदा किया। यूपिए प्रति जेट 100 मिलयन देनेवाली थी। लेकिन मोदी सरकार ने 90 मिलियन प्रति जेट के हिसाब से डील को अंकित किया है। युपीए के स्थिर वृद्दी 3.9% थी जो की अब घटकर 3.5% किया गया है जो करीब 200 मिलियन बचाता है।

पहले डसाल्ट कंपनी गणवत्ता को लेकर उत्तरदाई हॊने से कतरा रहा था। लेकिन अब जेट की गुणवत्ता भी कंपनी द्वारा नज़र रखी जायेगी। भारत में जेट उत्पादन के लिए हिन्दुस्तान एरॊनॊटीकल को 3 करॊड मानव-घंटे का समय भी कंपनी देने को तयार है जो की यूपिए के समय में नहीं थी।

अब बॊलॊ काँग्रेसीयों की मॊदीजी ने पैसे बचाए हैं या तुम्हारी तरह घॊटाले में खाए हैं। यह मॊदी सरकार है। घॊटालेवाली यूपीए सरकार नहीं। देश का पैसा मोदीजी बरबाद नहीं होने देगें इतना तो हमें विश्वास से। तुम्हे तो जलन इस बात की है की तुम्हारा कमिशन नहीं मिलपाया। वरना तुम्हारे घॊटाले की टोपी में एक और पंख चडता।


Shaanyora

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