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बहुत बड़ी खबर – ट्रिपल तलाक बिल पारित करने के बाद अब मोदी सरकार ने हज सब्सिडी को ख़त्म कर दिया

केंद्र की मोदी सरकार सरकार ने  नई हज नीति पेश की थी , जिसमें सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अमल करते हुए सब्सिडी की व्यवस्था खत्म करने और 45 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को बिना मेहरम के हज पर जाने की इजाजत देने का प्रस्ताव किया गया है। हज नीति 2018-22 में हज यात्रियों को समुद्री मार्ग से भेजने के विकल्प पर काम करने की बात की गई है।

इस नयी नीति में यह प्रावधान किया गया है कि हज यात्रियों के प्रस्थान के स्थानों की संख्या को 21 से घटाकर मात्र नौ किया जाएगा। दिल्ली, लखनऊ, कोलकाता, अहमदाबाद, मुंबई,चेन्नै, हैदराबाद, बेंगलुरु और कोच्चि से लोग हज के लिए प्रस्थान कर सकेंगे। इन शहरों में उपयुक्त हज भवनों के निर्माण और दूरदराज के इलाकों और इन प्रस्थान स्थलों के बीच संपर्क बेहतर करने का प्रस्ताव भी दिया गया है।

इसके अलावा समुद्री रास्ते से हज के सफर के विकल्प पर सऊदी अरब सरकार से विचार विमर्श करने और पोत कंपनियों की रचि और सेवा की थाह लेने के लिए विज्ञापन देने का भी प्रस्ताव दिया गया है। नयी हज नीति तैयार करने के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति ने केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। नई हज नीति को 2012 के उच्चतम न्यायालय के आदेश के मुताबिक तैयार किया गया है। शीर्ष अदालत ने भी अपने आदेश में कहा था कि 10 साल की अवधि में सब्सिडी खत्म की जाए।
इसके अलावा यह भी प्रावधान किया गया है की अब से 45 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं बिना मेहरम के हज पर जा सकेंगी, हालांकि वे चार महिलाओं के समूह में जा सकेगी। मेहरम के लिए कोटा 200 से बढ़ाकर 500 किया जाने का भी प्रस्ताव है। गौरतलब है कि मेहरम उसे कहते हैं जिससे महिला का निकाह नहीं हो सकता। मसलन, पिता, सगा भाई, बेटा और पौत्र-नवासा मेहरम हो सकते हैं।

नई हज नीति के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए हज कोटे का प्रावधान उनके यहां की मुस्लिम आबादी के अनुपात में किया जाएगा। जम्मू-कश्मीर के लिए कोटा 1500 से बढ़ाकर 2000 करने का भी प्रस्ताव है। नई हज नीति में प्रस्ताव किया गया है कि भारतीय हाजियों को ठहराना मीना की पारंपरिक सीमाओं के भीतर सुनिश्चित किया जाए।

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि 2018 में हज नई हज नीति के तहत होगा। प्रस्तावित सुविधाओं को देखते हुए यह एक बेहतर नीति है। यह पारदर्शी और जनता के अनुकूल नीति होगी। यह हज यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। नई हज नीति में हज समिति और निजी टूर ऑपरेटरों के जरिये जाने वाले हज यात्रियों के अनुपात को भी स्पष्ट किया गया है। अब कुल कोटे 70 फीसदी हज यात्री हज समिति के जरिये जाएंगे तो 30 फीसदी निजी टूर ऑपरेटरों के जरिये हज पर जाएंगे।

महिलाओं को बिना मेहरम के हज पर जाने की इजाजत देने का प्रस्ताव सविकारने के बाद ,ट्रिपल तलाक बिल को पारित करने के बाद अब मोदी सरकार ने हज़ सब्सिडी को भी ख़त्म करदिया है|

यह बेशक बहुत बड़ा कदम उठाया है मोदी सरकार ने, और अब यह देखना दिलचस्प होगा की तथाकथित सेक्युलर इस मुद्दे पे क्या राय रखते हैं. अधिकतर मुस्लिम धर्मगुरु पहले ही हज सब्सिडी को इस्लाम के खिलाफ बता चुके हैं|अब यह देखना भी दिलचस्प होगा की मुस्लिम समाज में इस फैसले को लेकर कैसी प्रतिक्रिया होती है.

 

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